साहिबाबाद। बुधवार दस बजे टीवी पर दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को बम से उड़ाने की मेल भेजे जाने की खबर चली। यह सूचना तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद स्कूलों के फोन घनघनाने लगे, हर अभिभावक स्कूल प्रबंधन को कॉल कर जानकारी मांगने लगे। इस बीच स्कूल प्रबंधन ने भी अभिभावकों को मैसेज भेजकर चिंता न करने की सलाह दी। स्कूल से सब ठीक होने की सूचना मिलने पर भी अभिभावकों से नहीं रहा गया और वह करीब पौने ग्यारह बजे से स्कूल के गेट पर अपने बच्चों को लेने पहुंचने लगे।
स्कूल गेट पर पहुंचने का यह सिलसिला दोपहर साढ़े बारह बजे तक चलता रहा। दोपहर एक बजे से पूर्व ही टीएचए के लगभग सभी स्कूल खाली हो चुके थे। स्कूल पहुंचने वालों में छोटे बच्चों के अभिभावक पहले पहुंचे। जिन बच्चों के अभिभावक दफ्तर में थे उन्होंने अपने पड़ोसी व परिचितों को स्कूल भेजा। इस पूरी प्रक्रिया में स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने धैर्य बनाए रखा। बच्चों को स्कूल लेने पहुंचे अभिभावकों को बारी-बारी कर बच्चे सौंप रहे थे। स्कूल के गेट से लेकर रिसेप्शन तक स्कूल प्रबंधन ने अतिरिक्त स्टाफ लगाकर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया।
मेल मिलते ही पहले किया पुलिस को फोन
शालीमार गार्डन स्थित दिल्ली कान्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्य अभिलाषा शर्मा ने बताया कि स्कूल को बम की धमकी का मेल उन्होंने सुबह नौ से साढ़े नौ बजे के बीच देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को फोन किया। इस बीच बच्चों को बिना कुछ बताए स्कूल परिसर और क्लास में संदिग्ध वस्तु की जांच करते रहे। सूचना के बाद पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि स्कूल में यह सब कुछ चलता रहा लेकिन बच्चों को इसकी भनक तक नहीं लगने दी ताकि किसी तरह की अफरा तफरी न बचे।
स्कूलों ने गेट पर बढ़ाई सुरक्षा
स्कूलों को बम से उड़ाने की खबर सुनते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूलों के गेट पर पहुंच गए। एक साथ अधिक अभिभावकों के पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने मुख्य गेट पर सुरक्षा बढ़ा दी। अभिभावकों की भीड़ में कोई अनजान व्यक्ति स्कूल में न प्रवेश करे इसके लिए निजी सुरक्षाकर्मी से लेकर शिक्षक तक को स्कूल गेट पर खड़ा कर दिया ताकि वह अभिभावकों की पहचान कर सकें।