साहिबाबाद। आदित्य मॉल के पास दो लड़कियों ने बीच सड़क पर जमकर उत्पात मचाया। ठेले पर ननद के साथ गोलगप्पे खा रहीं सॉफ्टवेयर इंजीनियर गरिमा को गर्भवती समझ दोनों लड़कियों ने पेट पर लात-घूंसे बरसा दिए। भाभी-ननद ने अपनी कार में सवार होकर भागने का प्रयास किया तो उत्पाती लड़कियों ने अपने जानकारों के साथ कार पर पत्थर फेंककर शीशे तोड़ दिए। कार चला रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पति से भी मारपीट की। पीड़ित शिकायत लेकर पुलिस चौकी और थाने के चक्कर लगाते रहे। छह दिन बाद मंगलवार को इंदिरापुरम थाने में सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
वैशाली सेक्टर- छह निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर गरिमा ने अपनी शिकायत में बताया कि 13 दिसंबर को आदित्य मॉल के पास ननद के साथ ठेले पर गोलगप्पे खा रहीं थी। पति कार में बैठकर इंतजार कर रहे थे। इसी बीच दो लड़कियां आईं और पीछे खड़ी होकर अपशब्दों का प्रयोग करने लगीं। गरिमा ने पीछे मुड़कर देखा तो दोनों ने गालियां देना शुरू कर दिया। गरीमा और दोनों लड़कियों के बीच कहासुनी हो गई। गरिमा का आरोप है कि दोनों लड़कियों ने उसे गर्भवती समझ सड़क पर गिराकर पेट पर लात-घूंसों से मारना शुरू कर दिया। इस बीच मारपीट करने वाली लड़कियों ने अपने जानकारों को भी बुला लिया। जान बचाकर भाभी-ननद कार की तरफ दौड़ी। कार में बैठने के बाद भी एक लड़की गरिमा को चप्पलसे पीटने लगी। लड़कियों के जानकारों ने कार का अगला और पिछला शीशा पत्थर मारकर तोड़ दिया और गरिमा के पति के साथ भी मारपीट की।
गरिमा गरिमा का आरोप है कि घटना के बाद 112 नंबर पर कॉल किया, लेकिन नहीं लगा। इसके बाद अभयखंड पुलिस चौकी पहुंचे। पुलिस घटनास्थल पर पूछताछ करने पहुंची। पता चला कि आरोपी आसपास रहने वाले हैं। पुलिस ने तहरीर लेकर अगले दिन बुलाया। पीड़ित जब पुलिस चौकी पहुंचे तो आरोपियों की पहचान छुपाई गई। आरोपियों के घर में कोई शोक होने की बात कहकर पीड़ित को वापस लौटा दिया गया। गरिमा छह दिन तक चौकी और इंदिरापुरम थाने के चक्कर लगाती रहीं। पुलिस ने गरिमा का मेडिकल कराने की भी जरूरत नहीं समझी। मंगलवार को सात अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। डीसीपी शुभम पटेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।