दर्ज मुकदमे में एओए अध्यक्ष शलभ गोयल ने बताया कि कुछ दिन पहले सोसायटी के ही रहने वाले दीपक गोयल ने फ्लैट खाली करने से पहले एओए से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने के लिए संपर्क किया था। जब रिकॉर्ड खंगालकर सत्यापन किया गया तब पता चला कि सोसायटी कर्मचारी ने उनसे बिजली मीटर रीचार्ज करने के नाम पर 1.41 लाख रुपये लिए थे।
छानबीन को आगे बढ़ाया तब सामने आया कि सोसायटी के अन्य लोगों ने भी बृजपाल सिंह को मेंटेनेंस चार्ज और बिजली मीटर रीचार्ज शुल्क दिया था। आरोप है कि पूरी रकम एओए कोष में जमा करने की जगह आरोपी ने अपने निजी बैंक खाते में जमा की। इस तहत वर्ष 2023 में 25 लाख रुपये और साल 2024 में 19.50 लाख रुपये का गबन बृजपाल सिंह पर करने का आरोप लगाया है। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता ने कुछ स्क्रीनशॉट भी दिए हैं। इनमें सोसायटी के लोगों की तरफ से आरोपी के बैंक खाते में भेजी गई रकम का विवरण है। मामले में संबंधित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।