हाउस टैक्स में बढ़ोतरी के बाद अब नगर निगम ने यूजर चार्ज, ‘स्पॉट फाइन पॉलिसी’ और अतिक्रमण पॉलिसी को पास कर जनता की जेब से पैसा निकालने को मंजूरी दे दी है। अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए नगर निगम 40 रुपये से लेकर 35 हजार रुपये महीना तक यूजर चार्ज वसूलेगा।
इसकी जद में ठेले वालों से लेकर बड़े मॉल्स-मल्टीप्लेक्स, होटल्स और अस्पताल भी आएंगे। इसमें सबसे ज्यादा बोझ मॉल-मल्टीप्लेक्स पर पड़ेगा। यही नहीं सड़क पर गंदगी फैलाने, नाले-सीवर में गोबर बहाने पर भी जुर्माना भरना पड़ेगा। निगम ने सड़कों-नालों पर अतिक्रमण करने वालों पर भी शिकंजा कस कर जुर्माना पॉलिसी पास कर दी है।
अतिक्रमण करने वालों से प्रति वर्ग फुट की दर से जुर्माना वसूला जाएगा। इससे पहले नगर निगम हाउस टैक्स में 5 फीसदी की बढ़ोतरी कर चुका है। यानी अब शहर में रहना महंगा हो जाएगा।
महापौर अशु वर्मा की अध्यक्षता और नगर आयुक्त अब्दुल समद की मौजूदगी में हुई बोर्ड बैठक में सबसे पहले कार्यकारिणी समिति से पूर्व में पास हुए प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कार्यकारिणी समिति से पास कई प्रस्ताव बोर्ड में न लाए जाने पर शुरू में ही हंगामा हो गया।
जाकिर सैफी ने दूधेश्वरनाथ मंदिर मार्ग पर गेट निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड में न रखे जाने पर विरोध जताया। महापौर ने मामला शांत किया। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नियमावली और यूजर चार्ज की दरों पर चर्चा की।
अधिकांश पार्षदों ने कार्यकारिणी समिति से पास दरों का विरोध किया। ठेले वालों पर 200 रुपये, सड़क किनारे दुकान लगाने वालों पर 350 रुपये और मॉल्स-मल्टीप्लेक्स पर 50 हजार रुपये प्रतिमाह यूजर चार्ज लगाने पर पार्षद भड़क गए।
उन्होंने इन दरों को ज्यादा बताते हुए 50 फीसदी कटौती करने की मांग की। हालांकि बाद में इनमें सिर्फ 30 फीसदी की कटौती कर यूजर चार्ज नियमावली को पास कर दिया गया।
सड़क पर गंदगी फैलाने वालों से लेगा जुर्माना
नगर निगम ने सड़क पर कचरा, गंदगी करने, नाले-सीवर में गोबर बहाने वालों पर भी जुर्माना लगाने के लिए नियमावली पास कर दी है। इस नियमावली के मुताबिक नगर निगम 24 मदों में जुर्माना वसूल सकेगा।
अब बिना अनुमति रोड कटिंग, डिवाइडर तोड़ने, सड़क पर बिल्डिंग मेटीरियल डालने, पालतू पशुओं के गंदगी करने, सड़क किनारे वाहन की धुलाई कर डामर की सड़क पर पानी डालने पर भी जुर्माना भरना पड़ेगा।
निगम ने जुर्माना राशि तय कर इस नियमावली को मंजूरी दे दी है। जनता से आपत्तियां मांगने और उनके निस्तारण के बाद इस नियमावली का गजट नोटिफिकेशन कराकर शहर में लागू कर दी जाएगी। यानी अब सड़कों को गंदा किया तो आपकी जेब ढीली हो जाएगी। नगर निगम की टीमें ऐसे लोगों पर निगरानी के लिए शहर में भ्रमण करती रहेंगी।
अतिक्रमण किया तो भी भरना पड़ेगा जुर्माना
अब घर के आगे दरवाजे से चौड़ा रैंप बनाने, सड़क किनारे खोखा, ठेला, पटरी, फड़, चाऊमीन वैन लगाकर अतिक्रमण करने वालों पर भी नगर निगम सख्ती करेगा। इनसे जुर्माना वसूला जाएगा। इनसे प्रति वर्ग फुट की दर से जुर्माना वसूली होगी।
निगम ने दरें तय कर दी हैं। नियमावली के मुताबिक फड़ लगाकर और सामान रखकर अतिक्रमण करने वालों से पहले दिन 10 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से जुर्माना लिया जाएगा। दूसरे दिन रकम दोगुना हो जाएगी।
खोखा-गुमटी वालों से 20 रुपये प्रतिवर्ग फुट और स्थायी अतिक्रमण करने वालों से 200 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से जुर्माना वसूल किया जाएगा। घरों के बाहर अब सिर्फ दरवाजे की चौड़ाई के बराबर रैंप बनाया जा सकेगा और इसकी लंबाई छोटे मकानों के लिए 3 फीट और बड़े पर 5 फीट से ज्यादा नहीं होगी। जुर्माना वसूलने के बाद निगम इस अतिक्रमण को हटा देगा।
बिल्डिंग यूजर चार्ज (30 फीसदी कटौती के बाद)
पक्का घर 30 रुपये
ईडब्ल्यूएस 40 रुपये
एमआईजी 200 वर्ग मीटर वाले 50 रुपये
एचआईजी 200 मीटर वाले 70 रुपये
सब्जी-फल ठेले 150 रुपये
चलती-फिरती दुकान वाले 450 रुपये
सड़क किनारे मांस-मछली की दुकानें 245 रुपये
मांस की दुकानें 450 रुपये
छोटे रेस्टोरेंट 200 वर्ग फीट तक 1150 रुपये
मध्यम रेस्तरां 200 वर्ग फीट तक 1750 रुपये
फास्ट फूड विक्रेता 750 रुपये
होटल 1000 गज तक 3500 रुपये
होटल 5000 गज तक 7500 रुपये
5000 गज से ज्यादा बड़े होटल 17500रुपये
कार्यालय 50 कर्मचारी तक 175 रुपये
51 से 100 कर्मचारी तक 350 रुपये
101 से 300 कर्मचारी तक 525 रुपये
100 बेड से ज्यादा बड़े अस्पताल 35 हजार रुपये
5 हजार वर्ग मीटर से छोटे मॉल्स 7.5 से 22 हजार रुपये
5000 वर्ग मीटर से बड़े मॉल 35 हजार रुपये
शराब की दुकान विद कैंटीन 7500 रुपये
केवल शराब की दुकान 3500 रुपये
पेट्रोल पंप/सीएनजी पंप 1400 रुपये