नगर निगम अब पहले जैसी गलती नहीं दोहराएगा। इस बार नए स्मार्ट सिटी प्रपोजल के साथ-साथ पुराने प्रपोजल पर भी जनता की राय ली जाएगी। निगम अधिकारी पूर्व में बनाए गए स्मार्ट सिटी प्रपोजल को नगर निगम की वेबसाइट और केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर इस पर जनता की राय लेंगे।
गाजियाबाद के लोग आनलाइन ही इसकी समीक्षा कर कमियां और सुझाव दे सकेंगे। इन सुझावों को निगम के अधिकारी नए प्रपोजल में शामिल कर बेहतर एससीपी बनाएंगे।
पूर्व में बनाया गया एससीपी (स्मार्ट सिटी प्रपोजल) में कई खामियां रहीं। यही वजह रही कि गाजियाबाद का नाम 20 स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल नहीं हो सका। अब निगम अधिकारियों ने नई कंसलटेंट फर्म चयनित करने के बाद स्मार्ट सिटी प्रपोजल में जनता की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है।
पुराने प्रपोजल को नगर निगम ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। अफसरों के मुताबिक अब इसे केंद्र सरकार के पोर्टल www.mygov.in पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका लिंक लोगों को फेसबुक और अन्य सोशल साइट के जरिए भेजा जाएगा।
इसके जरिए लोग गाजियाबाद के स्मार्ट सिटी प्रपोजल को आनलाइन पढ़ सकेंगे। इसकी खामियां और नए सुझाव भी दे सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सुझाव पर पैन सिटी सोल्यूशन और एरिया बेस्ड डेवलपमेंट जैसे विकास के मॉड्यूल में भी बदलाव किया जाएगा।
प्रपोजल में इन योजनाओं को किया था शामिल
पैन सिटी सोल्यूशन में नगर निगम ने इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम को चुना था। एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में निगम ने नंदग्राम, पटेल नगर, लोहिया नगर और मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र को स्मार्ट डेवलपमेंट के लिए चयनित किया था।
इस क्षेत्र में रेट्रो फिटिंग कर सीवर, पानी, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, बिजली, स्कूल आदि की सुविधाएं मुहैया कराई जानी थी। निगम ने हिंडन किनारे रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के लिए करीब 50 एकड़ का एरिया चयनित किया था। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एंड एजुकेशनल हब बनाने के लिए प्लानिंग की थी।
अधिकारी बोले
कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट पुराने स्मार्ट प्रपोजल का अध्ययन कर इसे निगम और केंद्र सरकार के पोर्टल पर आनलाइन अपलोड करेंगे। जनता की राय के आधार पर इसमें बदलाव किया जाएगा। नया प्रपोजल 30 जून से पहले तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। - संजय सिंह चौहान, उप नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी।