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सेहत की बात: मुंह ढककर सोने की आदत बिगाड़ सकती है स्वास्थ्य, विशेषज्ञों ने ऐसे मरीजों को इससे बचने को कहा

Mon, 29 Dec 2025 10:40 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

 सिर ढककर सोने से लोगों को सिर दर्द, बेचैनी और थकान की भी परेशानी हो रही। चिकित्सकों का कहना कि 10 से 20 प्रतिशत ऑक्सीजन कम हो जाती है। पढ़ें पूरी खबर-
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : AI
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विस्तार
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सर्दियों में कई लोग कंबल या रजाई से सिर और मुंह ढककर सोते हैं, लेकिन इससे सिरदर्द, थकान और बेचैनी जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। एमएमजी अस्पताल के फिजियोथेरेपी विभाग में रोजाना 10 से 15 ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जो कंधे और गर्दन में दर्द के कारण फिजियोथेरेपी कराने आते हैं। जांच में पता चलता है कि उनके सिरदर्द और थकान का कारण सर्वाइकल समस्या नहीं बल्कि रात में मुंह ढककर सोना होता है।

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सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट व आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. आशीष अग्रवाल का कहना है कि मुंह ढककर सोने से सिरदर्द और थकान होने के पीछे हवा की गुणवत्ता खराब होना मुख्य कारण है। कंबल या रजाई से मुंह ढकने पर कार्बन डाइऑक्साइड फंसती है और ऑक्सीजन कम मिलती है। इससे स्लीप एपनिया या सांस लेने में रुकावट बढ़ सकती है, जो सुबह सिरदर्द और दिनभर थकान का कारण बनती है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि यह समस्या अक्सर नाक बंद होने या मुंह से सांस लेने के कारण होती है।

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एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियन ऑफ इंडिया (एएफपीआई) के चेयरमैन डॉ. रमन कुमार का कहना है कि मुंह ढककर सोने से 10 से 20 प्रतिशत ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। व्यक्ति को सर्दी में सही नींद और सांस लेने की आदतें बनाए रखना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियों से सिरदर्द, थकान और बेचैनी जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है।

मुंह ढककर सोने के मुख्य कारण और असर
ऑक्सीजन की कमी: कंबल या कुछ ढककर सोने से आसपास की हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जाती है। इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।

स्लीप एपनिया: यह गंभीर नींद संबंधी विकार है, जिसमें सोते समय सांसें बार-बार रुकती और चलती हैं। ऑक्सीजन की कमी से सुबह सिरदर्द और दिनभर थकान होती है और मुंह ढककर सोना इस समस्या को बढ़ा सकता है।

नाक बंद होना: यदि नाक बंद है, तो मुंह ढकने से पूरी तरह से सांस नहीं ली जा सकती। इससे सांस लेने में रुकावट और नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

मुंह से सांस लेना: यह नींद की गुणवत्ता को कम करता है और दिन में थकान, एकाग्रता में कमी और मौखिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
इस तरह से कर सकते हैं बचाव

डॉक्टर से सलाह लें : यह पता लगाने के लिए कि आपको स्लीप एपनिया या नाक बंद जैसी समस्या है, विशेषज्ञ से मिलें।

सांस लेने का तरीका सुधारें: रात में नाक से सांस लेने की कोशिश करें। नाक में दवाई का उपयोग नाक खोलने में मदद कर सकता है।
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सोने का माहौल ठीक करें: अपने बेडरूम को हवादार रखें ताकि ताजी हवा आती रहे।

मुंह ढकने से बचें: सिर ढककर सोने की आदत छोड़ दें, खासकर अगर सिरदर्द और थकान महसूस हो रही हो।
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