गाजियाबाद। मसूरी क्षेत्र में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 28 सितंबर की रात स्लीपर बस पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मसूरी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो हमलावरों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरे को कांबिंग कर दबोचा गया। पुलिस ने उनके पास से पिस्टल, तमंचा और वारदात में इस्तेमाल सफेद स्कूटी बरामद की है। पूछताछ में सामने आया कि पुरानी रंजिश, गाली-गलौज और बेइज्जती का बदला लेने के लिए फायरिंग की गई थी।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि 28 सितंबर की रात डीएमई पर स्लीपर बस पर फायरिंग हुई थी। इसमें कंडक्टर और बस मालिक का दोस्त घायल हो गया था। इस मामले में बस मालिक आरिफ उर्फ मूशा ने मसूरी थाने में अरसलान व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया था। घटना के बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
बृहस्पतिवार रात मसूरी पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कूटी सवार दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो स्कूटी सवारों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। दूसरे आरोपी को पुलिस ने कांबिंग कर पकड़ लिया। घायल बदमाश की पहचान दिल्ली के न्यू उस्मानपुर जगजीत नगर निवासी अनस और उसके साथी की पहचान दयालपुर के न्यू मुस्तफाबाद नेहरू विहार निवासी नदीम के रूप में हुई है। घायल अनस को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे आपस में दोस्त हैं और दिल्ली निवासी वासिद उनका गुरु है। 2023 से वासिद और बस मालिक आरिफ उर्फ मूशा के बीच रंजिश चली आ रही है। आरोपियों के अनुसार आरिफ उर्फ मूशा ने कुछ समय पहले अनस को फर्जी मुकदमे में दिल्ली से जेल भिजवा दिया था। इतना ही नहीं उसके पिता की कॉलर पकड़कर सरेआम बेइज्जती भी की थी।
इसी बीच चार दिन पहले अरसलान का आरिफ की बस के कंडक्टर तालिब से झगड़ा हो गया था। दोनों बदायूं के ककराला के रहने वाले हैं। इस झगड़े के बाद आरिफ ने पुरानी रंजिश के चलते अनस के खिलाफ दिल्ली पुलिस को पैसे छीनने की झूठी सूचना दे दी। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। अनस ने पूरी बात अपने गुरु वासिद को बताई।
इसके बाद वासिद ने अपने चेलों अरसलान, टफी उर्फ टॉफी और नदीम के साथ मिलकर फायरिंग की साजिश रची। योजना के तहत वासिद ने ही अवैध पिस्टल, तमंचा और स्कूटी उपलब्ध कराई थी। तय हुआ था कि बस पर फायरिंग कर आरिफ को सबक सिखाया जाए।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली से ही बस के पीछे लगे थे। रास्ते में भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें फायरिंग का मौका नहीं मिला। इस दौरान स्कूटी में पेट्रोल भी कम हो गया था। उन्हें डर था कि रास्ते में पेट्रोल खत्म न हो जाए। इसलिए हापुड़ रोड पर सुनसान इलाका देखकर उन्होंने बस पर फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गए थे।
डीसीपी ने बताया कि मामले में शामिल वासिद, अरसलान और टफी उर्फ टॉफी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।