फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लविश को इस हाल में देख सब हिल गए: कपड़े से भाई ने पहचाना भाई का कंकाल, दूसरी कक्षा में पढ़ता था मासूम: Video

Mon, 29 Dec 2025 10:27 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद स्थित नूरपुर के जंगल में 10 साल के छात्र के कंकाल मिलने के मामले में पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है। बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की टी शर्ट के आधार पर कंकाल की पहचान की। डीसीपी ग्रामीण ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण किया।
 
विज्ञापन
1 of 6
56 दिन बाद जंगल में मिला लव का कंकाल - फोटो : अमर उजाला
यूपी के गाजियाबाद स्थित मसूरी थाना क्षेत्र के समयपुर से 3 नवम्बर की दोपहर 2 बजे घर के पास खेल रहे मासूम छात्र का कंकाल नूरपुर के जंगल में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, जिसकी गुमशुदगी मासूम की मां सीमा देवी पत्नी मित्रसैन निवासी समयपुर मसूरी ने 4 नवम्बर को मसूरी थाने में दर्ज कराई थी। 
विज्ञापन

2 of 6
लविश का कंकाल - फोटो : अमर उजाला
पुलिस महकमे मचा हड़कंप
पुलिस व परिजनों द्वारा लगातार तलाश के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं लग सका था। रविवार को समयपुर से लगभग 500 मीटर की दूरी पर नूरपुर के जंगल में एक कंकाल मिलने की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। 
विज्ञापन

3 of 6
कपड़ा देख भाई ने पहचाना - फोटो : अमर उजाला
कपड़े देख भाई ने पहचाना
मौके पर पहुंचे मासूम के परिजनों ने वहां मिले टी-शर्ट व कुछ कपड़ों के आधार पर मासूम के बड़े भाई ने कंकाल की पहचान गुमशुदा मासूम लविश कुमार (10) पुत्र मित्रसैन के रूप में की। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया और जांच प्रक्रिया शुरू की गई।

4 of 6
लविश की घोपड़ी और कपड़े - फोटो : अमर उजाला
मौके पर खुद पहुंचे डीसीपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने कंकाल मिलने की जगह, आसपास के रास्तों, जंगल क्षेत्र और साक्ष्यों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी ने पुलिस अधिकारियों से अब तक की जांच की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
विज्ञापन

5 of 6
56 दिन बाद मिला लविश का कंकाल - फोटो : अमर उजाला
मामला बेहद संवेदनशील
डीसीपी ग्रामीण ने स्पष्ट किया कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी जांच पूरी निष्पक्षता और गंभीरता के साथ की जाएगी। फॉरेंसिक जांच के आधार पर हर पहलू को खंगाला जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मासूम की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
लविश का कंकाल - फोटो : अमर उजाला
चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा था लविश
सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी कार्यवाहक सलोनी अग्रवाल ने बताया कि मासूम के कंकाल को इकट्ठा करके मेडिकल परिक्षण के लिए भेज दिया गया है, मौत का स्पष्ट कारण मेडिकल परिक्षण रिपोर्ट आने के बाद होगा। परिजनों को न्याय दिलाने और सच्चाई सामने लाने के लिए जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही। मासूम छात्र के बड़े भाई सागर ने बताया कि चार बहनों व दो भाइयों में लविश सबसे छोटा था, वह नूरपुर स्थित सुंदर मैमोरियल स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र था।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें