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Ghaziabad News: मोबाइल टावरों से आरआर यूनिट चोरी करने वाले छह गिरफ्तार

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गाजियाबाद। मोबाइल टावरों से आरआर यूनिट समेत अन्य उपकरण चोरी करने वाले गिरोह के छह शातिर चोरों को क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। बीटेक पास कंपनी का मैनेजर और बीए पास चोरी करा रहे थे। गिरोह मुस्तफाबाद से देशभर में चोरी कर आरआर यूनिट व उपकरणों को विदेश भेज रहे थे। पुलिस ने इनके पास 51 आरआर यूनिट, होंडा सिटी कार, बैटरी समेत करीब चार करोड़ रुपये का माल बरामद किया है।
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एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि इंजीनियर व मेंटेनेंस देखने वाली कंपनी के प्रबंधक हरिद्वार के मंगलौर निवासी राहुल गोयल के साथ दिल्ली के मुस्तफाबाद निवासी कैफ मलिक, शोएब, सुहेल मलिक, बागपत के चांदीनगर निवासी सुमित कसाना और मुरादनगर निवासी वसीम को गिरफ्तार किया है। चोरी का सामान जावेद और उसका भाई वसीम खरीदकर विदेश सप्लाई कर रहे थे। दोनों सस्ते दामों में विदेश में माल बेच रहे थे। गिरोह चार साल से चोरी की वारदात कर रहा है। अभी तक करीब 200 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं।

कंपनी के प्रबंधक ने अलग-अलग राज्यों से कराई चोरी

पूछताछ में सामने आया है राहुल गोयल ने रुड़की के एक कॉलेज से इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक किया। बीटेक के बाद अच्छी प्लेसमेंट नहीं होने पर उसने एक कंपनी में नौकरी करना शुरू कर दिया जो मोबाइल टावर की मेंटेनेंस काम देखती है। इस कंपनी में काम के दौरान वह टावरों से चोरी करने वाले गिरोह के संपर्क में आया। हाल में पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान में लगे टावर में गिरोह के साथ मिलकर वारदात की। सुमित कसाना बीए पास है और चार साल दिल्ली पुलिस में भर्ती की तैयारी की। नौकरी नहीं लगने पर पहले बाउंसर बना और फिर जावेद के लिए काम करने लगा।
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स्क्रैप के नाम पर विदेश भेजते थे माल
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि सामान चोरी होने के बाद दिल्ली के मुस्तफाबाद में जावेद को दिया जाता है। जिसका भुगतान जावेद उन्हें करता है। इसके बाद जावेद अपने अन्य साथियों की मदद से माल को स्क्रैप के नाम पर चीन, बांग्लादेश और नेपाल भेजता है। पुलिस का कहना है कि आरआर यूनिट की कीमत करीब 10 लाख से ज्यादा होने के कारण चोरी की यूनिट की मांग है। इस कारण ऐसे गिरोह सक्रिय हो गए हैं। ऐसे अन्य गिरोह की भी तलाश की जा रही है।
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