गाजियाबाद। वैश्विक परिवर्तन को आज समझने की जरूरत है। इंटरनेट पर अब एक क्लिक करते ही किसी भी प्रकार की जानकारी हासिल की जा सकती है। ऐसी स्थिति के बीच आज भी किताबों की विश्वसनीयता बरकरार है। जम्मू कश्मीर के हालात तेजी से बदल रहे हैं। वहां भी युवाओं का रुझान भी पुस्तकालयों की ओर बढ़ रहा है। इसलिए पुस्तकालयों की स्थापना कराई जा रही है। यह बातें जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने नेहरूनगर स्थित हरिश्चंद्र त्यागी सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना समारोह के तहत आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहे।
उन्होंने कहा कि स्वर्ग और पुस्तकालय में कोई अंतर नहीं है। पुस्तकालय चिंतन का भी केंद्र है। ऐतिहासिक संस्कृति समझनी हैं तो किताबें पढ़नी होंगी। उप राज्यपाल ने हरिश्चंद्र त्यागी सार्वजनिक पुस्तकालय के संचालन में सहयोग करने वाले राकेश गर्ग, जेके गौड़, ललित जयसवाल, राजेंद्र अग्रवाल का पटका पहनाकर सम्मान किया। पुस्तकालय के संरक्षक पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने सभी अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय में 70 हजार से ज्यादा किताबें हैं, रोजाना यहां 250-300 बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. दिनेश अरोड़ा व मंच संचालन राज कौशिक ने किया। इस मौके पर महापौर सुनीता दयाल, विधायक अजीतपाल त्यागी, सुनील शर्मा, मायाप्रकाश त्यागी, पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर, केके गुप्ता, अरुण शर्मा, बलदेव राज शर्मा, पूर्व पार्षद अमित त्यागी, पृथ्वी सिंह कसाना मौजूद रहे।