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साहब! पैसे लेकर भी डाक्टर नहीं कर रहे आपरेशन

Fri, 01 Jul 2016 01:21 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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स्‍वास्‍थ्‍य - फोटो : अमर उजाला
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अस्पतालों में अनियमितताओं की शिकायत के बाद बुधवार देर शाम सीएमओ ने दो अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों ने चिकित्सकों द्वारा पैसे मांगने का आरोप लगाया। इसके अलावा वार्ड में गंदगी पाई गई और स्टाफ भी नदारद मिला।
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बुधवार देर शाम सीएमओ ने एमएमजी अस्पताल और जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। एमएमजी अस्पताल में सीएमओ को इमरजेंसी ट्रे नहीं मिली। साथ ही वार्ड में भर्ती मरीजों ने आर्थोपैडिक डॉ. रविंद्र राणा पर पैसे मांगने का आरोप लगाया।

दो मरीजों में से एक मरीज ने चार हजार और दूसरे मरीज ने 16 हजार लेने का आरोप लगाया है। मरीज का कहना है कि 16 हजार लेने के बाद भी डॉक्टर ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। वार्ड में बिस्तरों की हालत भी बदहाल थी। बेड पर फटी चादरें बिछी हुईं मिलीं तो कुछ पर चादर थी ही नहीं।
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वार्ड में जगह-जगह गंदगी मिली। स्वीपर आदि नदारद मिले। जिला महिला अस्पताल में 102 एंबुलेंस गायब थी, जबकि घर जाने वाले मरीज एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने बताया कि निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जल्द ही यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।


सीएमएस पर लगाया पैसे मांगने का आरोप
 एमएमजी के सीएमएस पर लैब टेक्नीशियन ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है और स्वास्थ्य महानिदेशक और डीएम गाजियाबाद को पत्र भेजा है। उधर, सीएमएस ने आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि लैब में मरीजों पैसे मांगने की शिकायत का स्पष्टीकरण मांगने के बाद वह उलटा उन पर ही आरोप लगा रहे हैं।

टेक्नीशियन राजपाल सिंह का कहना है कि 20 जून को उनका तबादला मेरठ के प्यारेलाल अस्पताल में हो गया है लेकिन उन्हें रिलीव नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि रिलीव करने की एवज में सीएमएस 20 हजार रुपयों की रिश्वत मांग रहे हैं।

वहीं, सीएमएस डा. जेके त्यागी का कहना है कि राजपाल सिंह जांच के नाम पर मरीजों से पैसे वसूलते थे। इसी महीने 10 व 16 जून को मरीजों से पैसे लिए थे, जिसकी शिकायत आने के जांच की गई थी।

जांच सही पाए जाने पर मरीजों को पैसे वापस कराए गए थे। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। बुधवार को लखनऊ से उन्हें रिलीव करने का फोन आया। वहां भी मैंने बताया कि किसी अन्य लैब टेक्नीशियन की तैनाती होते ही इन्हें रिलीव कर दिया जाएगा। पैसे मांगने का आरोप बिल्कुल बेबुनियाद और झूठा है।

ऑपरेशन के लिए पैसे मांगने का आरोप
 एमएमजी अस्पताल में भर्ती कोटगांव के एक मरीज ने इलाज में लापरवाही और ऑपरेशन के लिए पैसे मांगने का आरोप लगाया है। मरीज अनिल त्यागी का आरोप है कि 25 जून को एक्सीडेंट के बाद एमएमजी अस्पताल लाया गया था।

उसके बाएं पैर में फ्रैक्चर था। डाक्टर ने उस पर कच्चा प्लास्टर लगा दिया था। अब पैर में इंफेक्शन हो गया है। आरोप है कि पैर में इंफेक्शन की शिकायत के बाद जब अस्पताल आए तो डाक्टर ने ऑपरेशन के लिए बताया।

अब अस्पताल में ऑपरेशन के लिए 35 हजार मांगे जा रहे हैं। इसकी शिकायत की गई है। इस मामले में सीएमएस डॉ. जेके त्यागी ने बताया कि शिकायत मिली थी इसकी जांच की जाएगी कि आरोप सही या नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि बृहस्पतिवार को मरीज का ऑपरेशन हो गया है।

डॉक्टर पर आरोप, गलत इंजेक्शन से खराब हुई किडनी
 एक महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने 11 साल पहले उसे गलत इंजेक्शन लगाया था, जिससे उसकी किडनी खराब हो गई। महिला ने इस संबंध में बृहस्पतिवार को एसएसपी से शिकायत की है। एसएसपी ने सीओ द्वितीय को जांच सौंपी है।

कोटगांव निवासी महिला ने बताया कि 2004 में उनकी शादी से हुई थी। शादी के एक साल बाद डिलीवरी के लिए उन्हें नेहरू नगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके एक सप्ताह बाद ही उसे दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

महिला का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान उन्हें डॉक्टरों ने गलत इंजेक्शन लगा दिया था, जिसके कारण 11 साल बाद अब उसकी किडनी खराब हो गई है। महिला ने बताया कि 2008 में उसका तलाक हो गया था, 2009 में उसने दूसरी शादी कर ली थी। जांच पूरी होने के बाद सीओ द्वितीय जांच रिपोर्ट सीएमओ को भेजेंगे। 
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