लोनी। 11 दिसंबर को अल्वी नगर कॉलोनी के शिवम की गोली मारकर हत्या हिस्ट्रीशीटर मन्नू गैंग के अफसर और शहजाद ने की थी। रविवार रात दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे टोल गेट के पास से पुलिस ने गैंग दोनों को मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया।
डाबर तालाब निवासी अफसर और अंकुर विहार के बलराम नगर निवासी शहजाद ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उन्हें पिस्टल की जरूरत थी लेकिन शिवम से मांगने पर जब उन्हें पिस्टल नहीं मिली तब उन्होंने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पूछताछ के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया।
एसीपी अंकुर विहार ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि शिवम की हत्या के बाद वारदात के समय मौजूद उसके दोस्तों से पुलिस ने पूछताछ की थी। सभी ने अंजान लोगों के पहुंचने और गोली मारने की बात कही थी।
शुरुआती छानबीन के बाद और मुखबिर की सूचना पर हिस्ट्रीशीटर मन्नू गैंग का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने सुराग के आधार पर आगे तलाश शुरू की।
रविवार देर रात गढ़ी कटैया गांव के पास चेकिंग के दौरान सामने से आ रहे बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया लेकिन दोनों ने भागना शुरू कर दिया। पीछा करने पर दोनों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में बाइक सवार अफसर के गोली लगी।
इसके बाद बाइक गिरने पर दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसीपी ने बताया कि आरोपियों के पास से मिली बाइक दिल्ली से चुराई गई थी। आपराधिक इतिहास खंगालने पर पता चला कि अफसर पर अलग-अलग राज्यों में लूट व चोरी के एक दर्जन मामले दर्ज हैं। एसीपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश भी की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।