गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट की कई लिफ्ट बृहस्पतिवार को अटक गईं। इसमें से कई लिफ्टों में लोग 25 मिनट तक फंसे रहे। घबराहट के कारण इनमें फंसे लोगों की सांसें फूलने लगीं। मेंटेनेंस टीम ने बमुश्किल से उन्हें बाहर निकाला। माना जा रहा है कि लाइट जाने और एआरडी बैटरी वीक होने के कारण ऐसा हुआ।
सी-3 टावर निवासी गौरव गोयल ने बताया कि यहां हर दूसरे दिन डीजी ऑटोमेशन टेस्टिंग के नाम पर पांच से छह घंटे तक बिजली काटी जाती है। इससे आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। बृहस्पतिवार को बिजली जाने पर कई लोग लिफ्ट के अंदर ही 25 मिनट तक फंसे रहे। इस चिपचिपी गर्मी में लोगों की सांसें फूल गईं।
सुरक्षा गार्डों के इंटरकॉम खराब होने के कारण लोगों ने परिजनों से मदद मांगी। एक युवक ने तो वीडियो बनाकर ग्रुप में शेयर किया, तब उसे मदद मिल सकी। बमुश्किल उसे दरवाजा खोलकर निकाला गया। जयदीप रावत ने बताया कि यहां के अधिकतर इंटरकॉम खराब हैं, अगर किसी को इमरजेंसी में मदद की जरूरत पड़ जाए तो मिलना मुश्किल है। प्रतिदिन 10 रुपये के हिसाब से डीजी मरम्मत के लिए पैसे लिए जाते हैं, लेकिन मरम्मत कभी नहीं होती।
प्रतीक ग्रैंड सोसायटी लिफ्ट इंचार्ज विकास कुमार का कहना है कि लाइट जाने के कारण सी-3, 15, 7 सहित कई अन्य टावरों में दिक्कत हुई थी। 15 मिनट में लाइट आते ही लिफ्ट सीधे नीचे आकर रुकी और सभी सुरक्षित उतर गए। एआरडी बैटरी डाउन होने के कारण ऑटोमेशन नहीं हो पाया था, इस वजह से जो लोग लिफ्ट में फंसे थे। उनको निकालने के लिए टीम दौड़ी और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।