गाजियाबाद। जनगणना 2027 को भविष्य की विकास योजनाओं का आधार माना जा रहा है, लेकिन जिले के शहरी क्षेत्रों में लोग अभी भी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिले में पिछले आठ दिन में केवल 20 हजार परिवारों ने स्वगणना पूरी की है। इनमें भी ग्रामीण क्षेत्रों की भागीदारी शहरी क्षेत्रों से अधिक है।
इसे देखते हुए प्रशासन अब शनिवार और रविवार को विशेष कैंप लगाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को स्वगणना से जोड़ा जा सके। प्रदेश में स्वगणना सात मई से शुरू हुई है। यह क्रम 21 मई तक चलेगा। इसके बाद 22 मई से सरकारी कर्मचारी डोर टू डोर जाकर सर्वे करेंगे।
एडीएम वित्त एवं राजस्व सौरभ भट्ट ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग स्वगणना में रुचि दिखा रहे हैं, जबकि शहरों में संख्या अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने कहा कि सोसायटियों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों तक पहुंचने के लिए प्रशासनिक टीमें सप्ताहांत में अभियान चलाएंगी। इसके लिए एओए और आरडब्ल्यूए से भी सहयोग मांगा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग स्वगणना कर सकें। इससे 22 मई से शुरू होने वाले डोर-टू-डोर सर्वे में भी समय की बचत होगी।
जहां रह रहे हैं, वहीं से करें स्वगणना
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं, जिनका मूल निवास किसी अन्य जिले या राज्य में है। इस वजह से कई लोग यह सोचकर स्वगणना नहीं कर रहे कि उन्हें अपने मूल पते से ही जानकारी भरनी होगी। सौरभ भट्ट ने स्पष्ट किया कि परिवार वर्तमान में जहां रह रहा है, वहीं से स्वगणना कर सकता है। इसके लिए मूल पते पर जाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वगणना में किसी प्रकार की निजी या संवेदनशील जानकारी नहीं मांगी जा रही है। लोग सिर्फ se.census.gov.in पर जाकर पांच मिनट में अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।