An interesting story of samajwadi party symbol bicycle
समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव में करारी हार मिली तो अब हाईकमान ने पार्टी के ‘विभीषणों’ की तलाश शुरू कर दी है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने सभी जिला व महानगर संगठनों से चुनाव में पार्टी के लिए काम न करने वाले और बगावत करने वालों की रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट 31 मार्च तक बंद लिफाफे में प्रदेश अध्यक्ष को भेजी जानी है।
दरअसल, समाजवादी पार्टी को कांग्रेस से गठबंधन के बाद बेहतर परिणामों की उम्मीद थी। ईवीएम से चुनाव के परिणाम निकले तो वह सपा हाईकमान के लिए न केवल निराशाजनक थे, बल्कि आश्चर्यजनक भी थे। प्रदेश में पांच साल बहुमत की सरकार चला चुकी सपा गठबंधन के बावजूद 54 विधायकों के आंकड़े पर ही पहुंच पाई।
इन परिणामों ने पार्टी संगठन को सोचने पर मजबूर कर दिया। अब हार के कारणों की समीक्षा के लिए समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने न केवल बूथों के आंकड़े मांगे हैं, बल्कि विधानसभा चुनाव में गठबंधन धर्म न निभाकर पार्टी के लिए काम न करने वाले नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों की लिस्ट भी मांगी है।
जिला अध्यक्ष व जिला महासचिव से पूरे जिले की, महानगर अध्यक्ष व महासचिव से शहर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का ब्योरा मांगा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्षों ने गोपनीय रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। अब जल्द ही यह रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी जाएगी। पार्टी के जिला महासचिव जेपी कश्यप ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि वह इस संबंध में जानकारी देने से बचते रहे।
विधानसभा चुनाव-2017 में गठबंधन प्रत्याशियों को मिले मत
सुरेंद्र प्रकाश गोयल 49989
रामआसरे शर्मा 32507
केेके शर्मा 39648
राशिद मलिक 42302
अमरपाल शर्मा 111940