लोनी। अंकुर विहार थाने में दर्ज रिपोर्ट में चेयरमैन रंजीता धामा के जेठ ओमवीर धामा की गिरफ्तारी के आदेश के बाद अधिकारी अब बैकफुट पर आ गए हैं। एसडीएम ने दूसरा पत्र जारी कर विधायक के पत्र को पुलिस तक पहुंचाने की बात कही है। एसडीएम ने कहा कि गलती से गिरफ्तारी के लिए लिखा गया।
एसडीएम अरुण दीक्षित ने बताया कि अंकुर विहार एसीपी को पत्र लिखा गया था। उस पत्र की भाषा सही नहीं थी। गलती से गिरफ्तारी की बात लिखी गई। उन्होंने दूसरा पत्र जारी कर दिया है। उनका उद्देश्य सिर्फ इतना था कि विधायक का पत्र मिला है। पुलिस इस मामले को देखे। उन्होंने लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के लिखे पत्र की प्रतिलिपि भी भेजी है। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के तहत कार्रवाई करे।
उधर, चेयरमैन रंजीता धामा ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधि के दबाव में आकर कार्य कर रहे हैं। उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। मानसिक शोषण किया जा रहा है। बता दें कि एसडीएम ने पत्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने नगरपालिका के कर्मचारी तपसी सिंह द्वारा कराए गए मुकदमे में गिरफ्तारी करने के आदेश अंकुर विहार पुलिस को दिए थे। एसडीएम आदेश विधायक के पत्र के बाद में दिए थे।
इस मामले में चेयरमैन रंजीता धामा ने भी पत्र जारी कर एसडीएम पर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि दो साल से कम की सजा में एसडीएम ने गिरफ्तारी के आदेश दिए थे जबकि इन धाराओं में गिरफ्तारी नहीं है।
यह था मामला
तत्कालीन अधिशासी अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद नगर पालिका लोनी अध्यक्ष रंजीता धामा ने लोनी नगर पालिका में तैनात नायाब मोहर्रिर तपसी सिंह को निलंबित करने के आदेश दिए थे। तपसी सिंह को पानी की टंकी पर संबद्ध किया था।
मामले में तपसी सिंह ने अंकुर विहार थाने में एक तहरीर देखते हुए बताया कि रंजीता धामा, उनके पति मनोज धामा और परिवार करने सदस्य ने मिलकर उनको लोनी नगर पालिका में उनको धमकी दी थी। इसके अलावा कई आरोप उन पर लगाए थे। इस मामले में पुलिस ने रंजीता धामा, मनोज धामा और अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।