लोनी। अंकुर विहार थाने में सवा महीने पहले नगर पालिका के कर्मचारी तपसी बाबू की शिकायत पर हुए मुकदमे में लोनी एसडीएम अरुण दीक्षित ने चेयरमैन रंजीता धामा के जेठ ओमवीर धामा की गिरफ्तारी के आदेश अंकुर विहार एसीपी को दिए हैं। इस संबंध में चेयरमैन ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर एसडीएम पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य करने का आरोप लगाते हुए शिकायत भेजी है।
शनिवार को सोशल मीडिया पर लोनी एसडीएम का पत्र वायरल हुआ। पत्र में कहा गया है कि, 15 सितंबर को लोनी विधायक का पत्र मिला है, लोनी नगर पालिका में ओमवीर धामा जो पूर्व चेयरमैन मनोज धामा के ताऊ का लड़का है। वह नगर पालिका में आकर अधिकारियों व कर्मचारियों पर अनैतिक रूप से ठेकेदारों से कमीशन लेने के लिए दबाव बनाता है। विरोध पर वह दुर्व्यवहार करता है, जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है। लिपिक ने ओमवीर धामा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने से उसके हौसले बुलंद हैं।
एसडीएम ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर आदेश दिए : रंजीता
मामले में पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा ने भी पत्र लिखकर मुख्य सचिव यूपी, पुलिस महानिदेशक लखनऊ, आयुक्त मेरठ मंडल, पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, एसीपी अंकुर विहार और डीएम से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि दो अगस्त को पालिका के नायब मोहर्रिर तपसी सिंह को निवर्तमान अधिशासी अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद निलंबित कर जांच समिति गठित की गई। तपसी सिंह को पानी की टंकी पर संबद्ध किया गया था। इस घटना से क्षुब्ध होकर 10 अगस्त को उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस रिपोर्ट दर्ज में जो धारा लगी है, उस धारा में दो साल से कम की सजा का प्रावधान है। एसडीएम ने राजनीतिक दबाव में अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एसीपी लोनी को पत्र लिखकर गिरफ्तारी का आदेश दिया है। इस पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। एसडीएम के आदेश को निरस्त कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।