गाजियाबाद। पसोंडा की वीर अब्दुल हमीद काॅलोनी में कबाड़ का कारोबार करने वाले बिल्लू ( 50) की मंगलवार सुबह मौत हो गई। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि उन्हें चार दिन पहले कुत्ते ने काटा था। इसके बाद से तबीयत खराब थी। जिला अस्पताल के डाॅक्टर नितिन प्रियदर्शी ने बताया कि बिल्लू को लेकर उनके परिजन इमरजेंसी में पहुंचे थे। उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बताया कि चार दिन पहले वह किसी काम से जा रहे थे। घर के पास ही कुत्ते ने पैर में काट लिया था। उन्होंने पास के डाॅक्टर को दिखाया था। डाॅक्टर ने कोई इंजेक्शन को लगाया था लेकिन एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगाई थी।
परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनकी सांसे उखड़ने लगी। कालोनी में काफी संख्या आवारा कुत्ते हैं। आए दिन वह लोगों पर हमला करते रहते हैं। इस मामले में नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि अभी मामले की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर पता कराया जाएगा कि व्यक्ति की मौत रेबीज से हुई है या किसी अन्य कारण से।
भोजपुर में बच्चे की गई थी जान
भोजपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव बढ़ायला में पिछले साल 15 जून को कुत्ते के काटने से तीन वर्षीय नित्यांश की मौत हो गई थी। कुत्ते ने हमला कर बच्चे को मुंह, गर्दन और छाती पर काटकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। शिवकुमार का तीन वर्षीय पुत्र नित्यांश घर के बाहर खेल रहा था। उसी समय एक कुत्ते ने हमला कर दिया था।
एक साल में 30 हजार को काटा
पिछले साल अगस्त में सांसद अतुल गर्ग ने लोकसभा में यह मामला उठाया था। उन्होंने कहा था कि अकेले गाजियाबाद में एक साल में 30 हजार लोग कुत्तों के हमले के शिकार हो रहे हैं। इस अवधि में पूरे देश में 30 लाख लोगों को कुत्तों ने काटा जबकि 286 की मौत हो गई। उन्होंने कुत्तों के हमले रोकने के लिए कानून बनाने की मांग की थी।