गाजियाबाद। प्रेम संबंध में खटास आने के बाद महरौली में सारिता की हत्या करके फरार आरोपी रविंद्र यादव निवासी लक्खीसराय बिहार को पुलिस ने 10 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी इतना शातिर था कि पुलिस से बचने के लिए न तो उसने आधार कार्ड बनवाया और न ही किसी बैंक में कभी खाता खुलवाया। पुलिस ने इस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। क्राइम ब्रांच ने बुधवार को उसे कविनगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
अपर पुलिस उपायुक्त अपराध सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि हत्यारोपी रविंद्र यादव लक्खीसराय बिहार के गांव खर्रा कसोद का रहने वाला है और फिलहाल झारखंड के देवघर में रह रहा था। वर्ष 2013 में वह महरौली में पवन नाम के व्यक्ति के घर में किराए पर रहता था और टाइल-पत्थर लगाने का काम करता था। इसी मकान में बाराबंकी के गांव मनोरा के रहने वाले व्यक्ति सूरज पत्नी सरिता और बच्चों के साथ रहता था। आरोपी रविंद्र ने सरिता की नौकरी अवंतिका के एक प्राइवेट स्कूल में लगवाई थी।
अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इसके बाद रविंद्र और सरिता के प्रेम संबंध हो गए। करीब चार-पांच साल तक वह संबंध में रहे। इसके बाद सरिता ने किसी अन्य पुरुष से बात करनी शुरू कर दी और यह बात रविंद्र को नागवार गुजरी। इससे आक्रोशित रविंद्र ने 11 नवंबर 2013 को घर में ही सरिता की कुल्हाड़ी से वारकर हत्या कर दी और शव को सेप्टिक टैंक में फेंककर फरार हो गया।
महिला के पति ने काम से लौटकर बच्चों से उनकी मां के बारे में पूछा तो पता चला कि वह दोपहर में काम पर गई थी, इसके बाद नहीं लौटी। अगले दिन 12 नवंबर 2013 को सेप्टिक टैंक से शव बरामद होने पर महिला के पति सूरज ने रविंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कई बार ठिकाना बदला, एक बार नाम
एडीसीपी सच्चिदानंद ने बताया कि पूछताछ में रविंद्र ने बताया कि हत्या के बाद वह भाग कर पहले बिहार अपने गांव गया। इसके बाद वहां से कपूरथला, पंजाब चला गया। कुछ वर्ष काम करने के बाद वहां से देवघर झारखंड चला गया। वहां उसने ई-रिक्शा चलाया। पहचान छुपाने के लिए उसने अपना नाम बदलकर रवि रख लिया था। एडीसीपी ने बताया कि उसकी तलाश में जब पुलिस उसके पते पर पहुंची तो वह अपने केस के सिलसिले में जानकारी जुटाने गाजियाबाद आया था।
प्यार में धोखा दिया, इसलिए मार डाला
रविंद्र को महिला की हत्या करने पर कोई पछतावा नहीं था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि सरिता ने प्यार में उसे धोखा दिया। उसने उसकी नौकरी लगवाई, हर मदद की। इसके बावजूद उसने एक बार उसकी चाय में जहरीला पदार्थ डाल दिया था। उसे इस बात का पता चल गया था। इस पर उसने उसे कुल्हाड़ी से मार डाला।