फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सलीम वास्तिक का वीडियो वायरल: 'तिहाड़ से बाहर आ गया हूं, तुम लोग कमर कस लो'; जेल के बाहर से वीडियो बनाकर डाला?

Wed, 10 Jun 2026 09:22 PM IST
Akash Dubey माई सिटी रिपोर्टर, साहिबाबाद (गाजियाबाद)

सार

सलीम ने तिहाड़ जेल के बाहर से वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट की। समुदाय विशेष को लेकर टिप्पणी की। जिसमें कहा, मुस्लमानों को पढ़ाई और तरक्की की तरफ ले जाऊंगा। विस्तार से पढ़ें पूर खबर-
विज्ञापन
सलीम वास्तिक का वीडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नाबालिग की अपहरण के बाद हत्या के दोषी यूट्यूबर सलीम वास्तिक का एक 44 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर बुधवार को तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में सलीम वास्तिक समुदाय विशेष पर टिप्पणी करता दिखाई दिया है। वह कह रहा है कि जगह देख लो, कौन सी है। तिहाड़ जेल के बाहर की, मैं बाहर आ गया हूं। तुम लोगों का टाइम आ गया है कमर कसने का, तुम लोगों की प्लानिंग को मैं खत्म करूंगा।

विज्ञापन

सलीम ने आगे कहा, मैं मुस्लमानों को पढ़ाई और तरक्की की तरफ लेकर जाऊंगा। तुम लोग मुस्लमानों को जिहादी बना रहे हो उन लोगों को उस रास्ते से हटाकर तरक्की के रास्ते पर ले जाऊंगा। मेरा खुला चैलेंज है जो कर सकते हो कर लो, जय हिंद। स्थानीय अधिकारियों ने जमानत या जेल से छूटने की जानकारी होने से इंकार किया है। वहीं अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। 

दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने 31 वर्ष पुराने अपहरण और हत्या मामले के दोषी पेरोल पर छूटने के बाद भागते फिर रहे यूट्यूबर सलीम वास्तिक 24 अप्रैल की रात गिरफ्तार किया था। मामला वर्ष 1995 का था, जब पूर्वोत्तर दिल्ली के एक व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

1997 में अदालत ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय से वर्ष 2000 में अंतरिम जमानत मिलने के बाद सलीम भाग गया था। वह उसके बाद कभी वापस नहीं लौटा। जांच में पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों का उपयोग करके उसकी पहचान की पुष्टि की गई। पुलिस ने उसे लोनी से गिरफ्तार किया था।

ऐसे चर्चा में आया था यूट्यूबर सलीम वास्तिक
सलीम वास्तविक ने यूट्यूब चैनल शुरू करने के बाद इस्माम धर्म और उसकी रूढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों के खिलाफ कई वीडियो अपने चैनल पर प्रसारित किए। पहलगाम हमले का विरोध और ऑपरेशन सिंदूर की सराहना भी की। इसके बाद 27 फरवरी 2026 को लोनी स्थित उसके कार्यालय पर जीशान और गुलफाम नामक दो व्यक्तियों ने चाकू से जानलेवा हमला किया और गर्दन व पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
विज्ञापन

इसके बाद से ही सलीम वास्तविक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नाम बन गया। 1 मार्च 2026 को पहली मुठभेड़ में, यूपी एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जीशान को लोनी में हुई मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। वहीं 3 मार्च 2026 को दूसरा आरोपी गुलफाम इंदिरापुरम के वसुंधरा इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारा गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें