सलीम ने आगे कहा, मैं मुस्लमानों को पढ़ाई और तरक्की की तरफ लेकर जाऊंगा। तुम लोग मुस्लमानों को जिहादी बना रहे हो उन लोगों को उस रास्ते से हटाकर तरक्की के रास्ते पर ले जाऊंगा। मेरा खुला चैलेंज है जो कर सकते हो कर लो, जय हिंद। स्थानीय अधिकारियों ने जमानत या जेल से छूटने की जानकारी होने से इंकार किया है। वहीं अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने 31 वर्ष पुराने अपहरण और हत्या मामले के दोषी पेरोल पर छूटने के बाद भागते फिर रहे यूट्यूबर सलीम वास्तिक 24 अप्रैल की रात गिरफ्तार किया था। मामला वर्ष 1995 का था, जब पूर्वोत्तर दिल्ली के एक व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल का अपहरण कर लिया गया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।
1997 में अदालत ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय से वर्ष 2000 में अंतरिम जमानत मिलने के बाद सलीम भाग गया था। वह उसके बाद कभी वापस नहीं लौटा। जांच में पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों का उपयोग करके उसकी पहचान की पुष्टि की गई। पुलिस ने उसे लोनी से गिरफ्तार किया था।
ऐसे चर्चा में आया था यूट्यूबर सलीम वास्तिक
सलीम वास्तविक ने यूट्यूब चैनल शुरू करने के बाद इस्माम धर्म और उसकी रूढ़िवादी प्रथाओं व कुरीतियों के खिलाफ कई वीडियो अपने चैनल पर प्रसारित किए। पहलगाम हमले का विरोध और ऑपरेशन सिंदूर की सराहना भी की। इसके बाद 27 फरवरी 2026 को लोनी स्थित उसके कार्यालय पर जीशान और गुलफाम नामक दो व्यक्तियों ने चाकू से जानलेवा हमला किया और गर्दन व पेट पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए।
इसके बाद से ही सलीम वास्तविक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित नाम बन गया। 1 मार्च 2026 को पहली मुठभेड़ में, यूपी एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस ने मुख्य आरोपी जीशान को लोनी में हुई मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। वहीं 3 मार्च 2026 को दूसरा आरोपी गुलफाम इंदिरापुरम के वसुंधरा इलाके में मुठभेड़ के दौरान मारा गया।