गाजियाबाद। बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित मैसर्स किसान स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड में चलने वाले भारी-भरकम हैमर से संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की इमारत खतरे में आ गई है। हैमर के चलने से उठने वाले तेज धमाकों और भारी कंपन के कारण आरटीओ भवन की दीवारों में दरारें आ गई हैं। इससे कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों और अपने काम से आने वाले आम लोगों में दहशत और भारी परेशानी का माहौल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के क्षेत्रीय कार्यालय ने किसान स्टील्स को कड़ा नोटिस जारी करते हुए 10 दिन के अंदर जवाब तलब किया है। आरटीओ प्रशासन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर जाकर जांच की थी। निरीक्षण के दौरान आरटीओ परिसर में ध्वनि की तीव्रता 82 डेसिबल दर्ज की गई, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में दिन के समय निर्धारित मानक 75 डेसिबल का है। इसके अलावा जमीन में अत्यधिक कंपन भी पाया गया। इसके बाद 13 अगस्त को दोबारा की गई जांच में भी स्थिति जस की तस मिली।
दो बार जांच के बाद जारी किया नोटिस
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह की ओर से कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी कर हैमर और फोर्जिंग मशीनों के लिए सक्षम विशेषज्ञ की देखरेख में एंटी-वाइब्रेशन फाउंडेशन, शॉक एब्जॉर्बर, आइसोलेशन पैड्स और एकॉस्टिक बैरियर लगाए जाने समेत अन्य चीजों को लेकर निर्देश दिया गया। साथ ही उद्योग में मौजूद हैमर की संख्या, क्षमता, मॉडल, प्रतिदिन चलने के घंटे और वर्तमान सहमति पत्र की शर्तों का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 दिन के भीतर फोटो, वीडियो और मॉनिटरिंग रिपोर्ट के साथ संतोषजनक अनुपालन आख्या नहीं दी गई, तो वायु प्रदूषण निवारण व नियंत्रण अधिनियम, 1981 और ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत फैक्टरी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।