गाजियाबाद। शिक्षा का अधिकार के तहत तीसरे चरण के पत्र अभी नहीं बन सके हैं। इस कारण अभिभावक परेशान हो रहे हैं। पत्र बनने में अभी एक सप्ताह का समय लगने की उम्मीद है।
हर बार बेसिक शिक्षा अधिकारी एक अप्रैल नए सत्र तक आरटीई के दाखिले कराने का दावा करते हैं। आज तक यह वादा पूरा नहीं हो सका। इस बार भी पहले और दूसरे चरण के प्रवेश नहीं हो पाएं हैं और तीसरा चरण 27 मार्च को पूरा होने के बाद अब तक अनुमति पत्र अभिभावकों और स्कूलों को वितरित नहीं किए जा सके हैं।
पहले चरण में 3540 बच्चे चयनित हुए, जिसमें से 1409 और दूसरे चरण के 1350 चयनित बच्चों में से अभी तक 359 बच्चों को ही प्रवेश मिल सका है। तीसरे चरण में 1193 बच्चे चयनित हुए हैं। इनके पत्र बंटने बाकी हैं।
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि तीसरे चरण की प्रक्रिया अभी चल रही है। पत्र खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बंटेंगे। आवंटित स्कूलों को भी भेजे जाएंगे। उसके बाद ही प्रवेश मिल सकेगा। इसमें एक सप्ताह का समय लग जाएगा।
दूसरा वार्ड बताकर टरका रहे स्कूल : केस एक - नीतिखंड-एक के निवासी अभिषेक राय वॉर्ड 81 में रहते हैं। पहली कक्षा में प्रवेश के लिए उनके बच्चे को नीति खंड-3 में रैली इंटरनेशनल स्कूल आवंटित हुआ है। वह कई बार स्कूल में जा चुके हैं लेकिन स्कूल उनका वॉर्ड दूसरा कहकर टरका रहा है।
इसी वार्ड के नीरज कुमार शक्तिखंड-एक में रहते हैं। उनको भी दूसरा वॉर्ड बताकर लौटा दिया गया। उनका कहना है कि स्कूल के अंदर भी नहीं जाने दिया।
इस बारे में जिला समन्वयक डॉ. राकेश ने पार्षद से वॉर्ड के निवासी का पत्र बनवाकर कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए। उनका कहना है कि कई बार वॉर्ड गलत होते हैं।
ऐसे में अभिभावकों का सवाल यह है कि अगर वार्ड गलत हो सकता है तो फॉर्म में च्वाइस पांच स्कूलों की लिस्ट में ऐसे स्कूलों का नाम क्यों दिया गया