गाजियाबाद । 10 रुपये के स्टांप में छेड़छाड़ करके 1.10 लाख का ई-स्टांप की बनाकर जमीन की रजिस्ट्री करने का मामला सोमवार को प्रशासन के संज्ञान में आया, इसके बाद जिलाधिकारी ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि इस फर्जीवाड़े की जानकारी स्टांप पेपर लॉक करने के दौरान संज्ञान में आई। विभाग की तरफ से पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए लोनी के अंकुर विहार धाने में तहरीर दी गई है।
लोनी के आलियाबाद में मोहम्मद जाहिद ने चार जुलाई को 210 हेक्टेयर खेती की जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। स्टांप वेंडर ने 10 रुपये का ई-स्टांप निकाला और उसमें छेड़छाड़ कर 10 रुपये की जगह 1,10,500 रुपये का ई-स्टांप बना दिया। एआईजी स्टांप पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि इससे सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है। इसकी जानकारी विभाग को तब मिली जब रजिस्ट्री होने के बाद एआईजी स्टांप कार्यालय में ई-स्टांप को लाॅक किया जा रहा था। मोहम्मद जाहिद की रजिस्ट्री में लगे ई-स्टांप को लाॅक करने के दौरान जब स्टांप का नंबर डाला गया तो वेबसाइट पर 10 रुपये का ई-स्टांप दिखा, जबकि स्टांप पर 1,10,500 रुपये अंकित था। इस तरह स्टांप चोरी का मामला पकड़ में आया। जांच की गई तो और कई गड़बड़ियां सामने आईं।
किसी अन्य वेंडर ने निकाला स्टांप
हर वेंडर को अलग-अलग ई-स्टांप नंबर जारी किया जाता है। जांच में पाया गया है कि स्टांप वेंडर अफरोज परवीन की लॉगइन आईडी से दूसरे स्टांप वेंडर जयवीर कश्यप को आवंटित ई-स्टांप निकाला गया जो नियमानुसार गलत है। जिस वेंडर को जो ई-स्टांप आवंटित है वह वही स्टांप निकाल सकता है। एआईजी स्टांप ने बताया कि इस मामले में मोहम्मद जाहिद, स्टांप वेंडर अफरोज परवीन, जयवीर कश्यप, बैनामा लेखक सचिन चौधरी और सचिन देव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए लोनी के अंकुर विहार थाने में तहरीर दे दी गई है। वाद दायर कर मोहम्मद जाहिद से वसूली की जाएगी।