गाजियाबाद। आई फ्लू के मामले तेजी से बढ़ने पर निजी स्कूल संचालकों ने अपील किया है कि आंख लाल होने, जलन या खुजली होने पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजें, इससे दूसरे बच्चे आईफ्लू के संक्रमण से बच सकें। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी स्कूलों और लोगों को एडवाइजरी कर साफ-सफाई रखने और संक्रमितों से दूरी बनाने की सलाह दी है। बरसात में नमी और उमस भरी गर्मी में हो रहे पसीने और प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में संक्रमण हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में 80 प्रतिशत मरीज आई फ्लू से पीड़ित पहुंच रहे हैं।
एमएमजी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि इस बार बरसात अधिक होने से आईफ्लू यानी कंजेक्टिवाइटिस रोग तेजी से फैल रहा है। इसकी चपेट में हर उम्र के लोग आ रहे हैं। बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोजाना 250 से 275 मरीज आई फ्लू के पहुंच रहे हैं। संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में 100 से 150 मरीज आई फ्लू के पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या इससे भी कहीं ज्यादा है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि विभाग की ओर से आई फ्लू को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है। इसके साथ ही अस्पतालों में आई फ्लू के मरीजों के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए कहा गया है। डॉ. आरके गुप्ता ने अपील किया है कि जहां बच्चे खेलते हैं या लोग सामूहिक रूप से मिलते जुलते हैं। उन स्थानों की नियमित रूप से सफाई करें। यदि आई फ्लू के लक्षण मिलें तो निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें, लेकिन स्वयं से दवाई लेकर आंख में न डालें, इससे स्थिति बिगड़ सकती है।
इन लक्षणों को नजर अंदाज न करें
जलन या खुजली, आंखों से पानी आना, आंखों से पस आना, लाल सूजन युक्त आंखें, आंखों के आसपास लाल या सफेद दाग
इस तरह से करें बचाव
आंख को गंदे हथेलियों से छूने से बचें।
आंखों को छूने से पहले हाथ धोए।
रुमाल और कपड़ों को अन्य लोगों से अलग रखें।
संक्रमित से दूरी बनाए रखें और हाथ न मिलाएं।
आंख को मसले नहीं और बर्फ से सिकाई करें।