साहिबाबाद। थानाक्षेत्र के अर्थला स्थित गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की इंदिराकुंज योजना में बनी जर्जर इमारत में एक बार फिर हादसा हो गया। मंगलवार की देर रात करीब 12ः30 बजे दो मंजिला इमारत के भूतल पर बने फ्लैट की छत भर-भराकर नीचे आ गिरी। छत गिरते ही पहली मंजिल पर बने फ्लैट में सो रहे जाहिद और उनका बेटा जाबिर मलबे के साथ नीचे जा गिरे। आवाज सुनकर दूसरे कमरे से बाहर आई जाहिद की पत्नी, बेटी और सास भी नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
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स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला। पुलिस ने घायलों को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनका इलाज चल रहा है। घायल जाहिद ने बताया कि उन्होंने करीब दो वर्ष पहले पहली मंजिल पर फ्लैट संख्या 326 खरीदा था। यहां वह पत्नी-बच्चों और सास के साथ रहते हैं। गैस चूल्हा व सिलाई मशीन मरम्मत का काम करते हैं। मंगलवार रात वह फ्लैट के हॉल में बेटे जाबिर के साथ सो रहे थे।
रात करीब 12ः30 बजे अचानक नीचे वाले फ्लैट की छत (जाहिद के फ्लैट का फर्श) भर-भराकर ढह गया। ऐसे में वह और उनका बेटा मलबे के साथ नीचे जा गिरे। बगल के कमरे से उनकी पत्नी शहनाज, बेटी नजराना और सास अलीमन निकलीं तो अंधेरा होने से वह भी भूतल पर जा गिरीं। घायलों के ऊपर बचा हुआ मलबा भी गिर पड़ा। हादसे में पांचों बुरी तरह घायल हो गए।
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शोर सुनकर आस पड़ोस के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। किसी तरह मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और पुलिस ने सभी को एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। जाहिद के अनुसार भूतल पर बना फ्लैट खाली रहता है। फ्लैट मालिक कुछ दूरी पर ही दूसरे मकान में रहते हैं।
आरोप है कि वह पिछले करीब दो माह से छत की मरम्मत कराने के लिए कह रहे थे लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बताया कि वह मामले में फ्लैट मालिक के खिलाफ पुलिस को तहरीर देंगे। घटना की सूचना पर बुधवार दोपहर जीडीए की टीम ने भी फ्लैट का निरीक्षण किया। मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि फिलहाल रिपोर्ट तैयार की जा रही है, इसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी।