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परिवहन की सौ बसें लोगों को घर पहुंचाने में लगी

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परिवहन की सौ बसें लोगों को घर पहुंचाने में लगी - प्रवासी मजूदरों को घर पहुंचाने के लिए सोमवार रात को 70 बसें भेजी गई - मंगलवार को दोपहर में एक बस के झारखंड के लिए भेजा गया - मजदूरों को शेल्टर होम से रामलीला ग्राउंड और मोरटा भी पहुंचा रही रोडवेज की बसें माई सिटी रिपोर्टर साहिबाबाद। प्रवासी मजूदरों को घर पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की बसें दिन रात लगी हुई हैं। परिवहन निगम  रोजाना सौ बसें मजदूरों को घर पहुंचाने लिए चला रहा है। सोमवार रात को करीब सौ बसें प्रदेश के विभिन्न शहरों और राज्यों के लिए भेजी गई। वहीं जगह जगह रोके गए मजदूरों को शेल्टर होम पहुंचाने के लिए रोडवेज बसों का सहारा लिया जा रहा है। गाजियाबाद शहर में दूसरे राज्यों से प्रवासी मजदूरों का आना जारी है। रोडवेज विभाग के अधिकारियों की माने तो सोमवार को भी 70 बसें लखनऊ, बिहार, बंदायू, कानपुर, गोरखपुर आदि रूटों पर भेजी गई है। मंगलवार को मोरटा और रामलीला ग्राउंड पर सौ बसें भेजी गई थी। यहां से प्रशासन इन बसों की मदद से प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेज रहा है। मंगलवार दोपहर को झारखंड के लिए भी बस भेजी गई। यह बस गाजियाबाद में फंसे झारखंड के मजदूरों को बॉर्डर पर छोड़कर आएगी। अन्य रूटों पर भी प्रशासन के निर्देश पर बस भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि औरया, एटा, कानपुर, मैनपुरी, बिहार अादि रूटों पर बसें मंगलवार को भेजी जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन के देखरेख में बसे चलाई जा रही हैं। इन बसों का इस्तेमाल जगह जगह मिल रहे मजदूरों को शेल्टर होम में भिजवाने में भी किया जा रहा है। शेल्टर होम से रामलीला ग्राउंड और मोरटा तक भी मजूदरों को इन बसों से पहुंचाया जा रहा है। गाजियाबाद रीजन के आरएम एके सिंह ने बताया कि मजदूरों को घर पहुंचाने के लिए रोजाना सौ बसें प्रशासन को मुहैया कराई जा रही है। दिनरात यह बसें प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने में लगी है। अंकुश बिश्नोई  
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