ठेले पर ला रहे थे जोत
निखिल और गौरव अपने अन्य साथियों के साथ नवरात्रि पर माता की जोत लाने के लिए बृहस्पतिवार को दिल्ली गए थे। शुक्रवार शाम को ठेले पर जोत लेकर खानपुर गांव आ रहे थे। जत्था जब बादलपुर थाना क्षेत्र से दादरी की ओर निकला तो रात करीब 11 बजे पीछे से गाजियाबाद की ओर से आ रही रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में माता की जोत खंडित हो गई। निखिल, गौरव समेत गांव निवासी रचित और मनीष गंभीर रूप से घायल हो गए।
गांव पहुंचा शव तो मचा कोहराम
आरोपी बस चालक मौके से भाग निकला। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने निखिल और गौरव को मृत घोषित कर दिया। रचित और मनीष को प्राथमिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया। शनिवार दोपहर करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव पहुंचे गांव में कोहराम मच गया। दोपहर में ही गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मातम में बदलीं नवरात्र की खुशियां
गांव से माता रानी के भक्त हंसी-खुशी जोत लाने के लिए निकले थे। शनिवार को गांव पहुंचने वाले थे। उनके स्वागत के लिए गांव में परिजन व अन्य लोग तैयारी कर रहे थे। हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। गांव में अब सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाला निखिल कक्षा दस का छात्र था, जबकि गौरव बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। घायल साथी रचित व मनीष भी स्नातक कर रहे हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
हादसे के बाद मौके पर मच गई थी चीख पुकार
बादलपुर में जहां हादसा हुआ वहां मौके पर चीख पुकार मच गई थी। बस में सवार यात्रियों की भी चीखें निकल गईं। हादसे के बाद आरोपी बस चालक व परिचालक बस को छोड़कर भाग गए।