सुबह से देर शाम तक रिमझिम तो कभी झमाझम बरसात लोगों के लिए दिनभर मुशीबत बनी रही। शहर के मुख्य बाजारों की सड़कों जलमग्न रहीं। बरसात के मौसम में सड़कों हुए गड्ढों का वाहन चालक अंदाजा भी नहीं लगा सके। वाहन पानी को चीरते हुए निकले तो गड्ढे में धड़ाम से गिरते ही दुपहिया और चार पहिया वाहन रेंगते नजर आए। नवयुग मार्केट, राजनगर एक्सटेंशन रोड, लाल कुआं, विजयनगर, पटेल नगर, रोडवेज बस स्टैंड, गोशाला रोड और हाइवे के अंडरपास जनमग्न रहे।
हम तुम रोड पर घंटों पानी की निकासी नहीं हुई। गौशाला रोड पर हालात ये रहे कि एक से डेढ़ फीट तक सड़कों पर दिनभर पानी रहा। चौराहे, रेड लाइट और एलिवेटेड कट पर सुबह से ही जाम लग गया। वाहनों के शीशों पर चलते वाइपर भी वाहनों को बरसात में आगे का रास्ता दिखाने में नाकाम रहे। वाहनों के रेंगने पर शहर की मुख्य सड़कों, सर्विस रोड, मुख्य बाजारों और तंग गलियों में लोग पानी उतरने का इंतजार करते रहे। दिनभर बारिश होने और सड़क किनारे जलभराव होने से दुकानदारों के रखे खोखे दलदल होने से गिर गए। संजयनगर के मुख्य मार्ग पर वर्षों पुराना पेड़ धराशाही हो गया और आवागमन अवरुद्ध हो गया। मौके पर पहुंची यातायात और नागरिक पुलिस ने पेड़ की टहनियां तोड़कर दुपहिया वाहनों का आवागमन शुरू कराया।
दिनभर जाम से हांफता रहा लालकुआं
लाल कुआं और बुलंदशहर रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र में जाम की स्थिति दिनभर विकराल रही। सुबह से शाम तक वाहनों के पहिए रेंगते रहे। कई वाहन चालकों में मारपीट और कहासुनी भी हुई। लालकुआं अंडरपास से करीब एक किमी दूर पर अस्थाई यूटर्न बना दिया गया है। हालांकि जाम न लगे इसके लिए यह सुविधा की गई है। इसके बावजूद भी 600 मीटर की दूरी तय करने पर वाहन चालकों को 20 से 25 मिनट लगी।
एडीसीपी यातायात सच्चिदानंद ने बताया कि बारिश में वाहनों की गति कम और दबाव अधिक होने की वजह से लोगों को परेशानी हुई है। पुलिसकर्मी रेनकोट पहनकर चौराहों और मुख्य मार्गों पर तैनात रहे। ऐसे मौसम में वाहनों की गति कम होना आम बात है।