गाजियाबाद। प्री मानसून की बारिश ने शहर की सड़कों को लबालब कर दिया। बारिश का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। एनएच-9 पर दोपहर तक लोग जाम से जूझते रहे। हिंडन पुश्ता के रास्ते दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद के बीच आवाजाही करने वालों को भी जाम में फंसकर परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की अंदरूनी सड़कों पर भी जगह-जगह जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार मंद पड़ गई। नगर निगम की टीम दोपहर तक पंप लगाकर पानी निकालने की मशक्कत करती रही। जाम के कारण 20 मिनट का सफर तय करने के लिए लोगों को डेढ़ से दो घंटे बर्बाद करने पड़े। सड़कों पर तीन से चार घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
सबसे बुरा हाल एनएच-9 पर दिखाई दिया। दरअसल, हाईवे के निर्माण के दौरान सड़क किनारे नाला तोड़ दिया गया था, जिसे दोबारा बनाया ही नहीं गया। ऐसे में हाईवे के रास्ते दिल्ली-नोएडा जाने वाले लोगों को सर्विस लेन पर जलभराव के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बृहस्पतिवार को भी दोपहर तक छिजारसी कट, विजयनगर बागू, राहुल विहार सहित कई जगह वाहनों की रफ्तार थम गई। हाईवे की सर्विस लेन पर लंबा जाम लग गया।
इसी तरह नोएडा और दिल्ली से गाजियाबाद आने वाले लोगों को हाइवे पर यूपी गेट, कनावनी कट, इंदिरापुरम कट, विजयनगर कट और लाल कुआं कट पर लंबे जाम से जूझना पड़ा। हिंडन पुश्ता के रास्ते गाजीपुर की ओर से लोग गाजियाबाद के एंट्री प्वाइंट पर ही जाम में फंस गए। एनएच-9 के नीचे पुश्ता रोड पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। पुश्ता मार्ग पर ही वैशाली कट पर भी वाहनों की रफ्तार मंद रही।
डायमंड फ्लाईओवर से एनएच-9 को जोड़ने के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से हाल में बनाई गई सड़क पर भी जलभराव हो गया। इससे पांडवनगर और इंड्रस्ट्रियल एरिया से आवाजाही करने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लाल कुआं मेन रोड पर जलभराव होने से दोपहर तक यहां भी वाहन लंबी कतारों में रेंगते रहे। गोविंदपुरम, पटेलनगर, सिद्धार्थ विहार में प्रतीक सोसायटी के पास भी जलभराव से लोग परेशान रहे। सुबह करीब नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक यातायात व्यवस्था चरमराई रही।
अंडरपास में भी भरा पानी
हिंडन अंडरपास, गोशाला अंडरपास, सहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र अंडरपास में बारिश के कारण पानी भर गया। हालाकि, नगर निगम ने गोशाला और हिंडन अंडरपास में पंप की व्यवस्था पहले ही कर दी थी। दोनों ही अंडरपास पानी निकाल दिया गया था, लेकिन साहिबाबाद अंडरपास में जलभराव जस का तस बना रहा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि यहां पानी निकासी का इंतजाम जीडीए को करना होता है, कई बार अवगत कराने के बाद भी जीडीए ने कोई काम नहीं किया।
खुले नालों से हादसों का खतरा
शहर में कई जगह खुले नाले हादसों की वजह बन सकते हैं। नगर निगम ने नालों को ढकना तो दूर बाउंड्री तक भी बनाना जरूरी नहीं समझा है। कई नाले शहर के व्यस्त मार्गों पर खुले हुए हैं, जबकि कई नाले मुख्य सड़कों पर हादसो को न्योता दे रहे हैं। जलभराव होने पर राहगीरों को न सड़कें दिखाई देंगी और न ही नालों का पता लग पाएगा।
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बारिश आने पर नालों की सफाई
नगर निगम के अधिकारी मानसून से पहले नालों की सफाई का दावा कर रहे हैं लेकिन बृहस्पतिवार सुबह बारिश आने के बाद कई जगह नालों की सफाई की गई। नगर निगम मुख्यालय के बाहर नाले की सफाई करते कर्मचारी दिखाई दिए। वहीं, बोंझा कब्रिस्तान के बाहर सहित कई जगह नालों से कचरा और सिल्ट निकालकर सड़क पर ढ़ेर लगाए जा रहे थे।
12 जगह पंप लगाकर निकाला पानी
जलभराव की समस्या से निपटने की तैयारी का दावा नगर निगम की तरफ से किया जा रहा है। जलभराव के हॉट स्पॉट की पहचान पहले ही की जा चुकी है। लगभग 12 जगह पंप लगा दिए गए हैं, जिनका इस्तेमाल बृहस्पतिवार को बारिश के बाद पानी की निकासी के लिए किया गया। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि दो घंटे की बारिश के दौरान निगम की टीम तमाम उपकरणों के साथ मुस्तैद रही। जलभराव की शिकायत मिलने पर तत्काल टीम को मौके पर भेजा गया।