सबहेड- नेशनल बोर्ड आफ एक्रीडिटेशन ने फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता को देखते हुए 3 साल के लिए एक्रीडिटेशन प्रदान किया माय सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। तकनीकी और फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता की जांच को गठित भारत सरकार के आयोग नेशनल बोर्ड आफ एक्रीडिटेशन (एनबीए) ने आरकेजीआईटी इंस्टिट्यूट को के बी-फार्मेसी कोर्स को आगामी तीन वर्षों के लिए एक्रीडिटेशन प्रदान किया गया है। संस्थान को 2020-21 से लेकर 2022-23 तक के लिए एक्टिवेशन प्रदान की गई है। एनबीए ने अपनी वेबसाइट पर एक्रीडिटेशन संबंधी इंस्पेक्शन रिपोर्ट को चस्पा कर दिया है। एनबीए की टीम की ओर से संस्थान में बीते 24 और 25 जनवरी को इंस्पेक्शन किया गया था। टीम ने संस्थान में छात्रों के प्लेसमेंट, ट्रेनिंग, पठन-पाठन, फैकल्टी के क्रियाकलापों आदि का गहन निरीक्षण किया गया। कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के आधार पर यह एक्रीडिटेशन प्रदान किया गया है। एनबीए की मान्यता मिलने पर संस्थान के चेयरमैन दिनेश गोयल, अक्षत गोयल, निदेशक आरएंडडी डा. लक्ष्मण प्रसाद ने संस्थान की प्रधानाचार्य डॉ मोनिका सचदेवा, डीन और एनबीए कोऑर्डिनेटर अभिनव अग्रवाल, समस्त फैकेल्टी, स्टॉफ व छात्रों को बधाई दी। फार्मेसी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. मोनिका सचदेवा ने बताया कि संस्थान छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबंध है। संस्थान ने एकेटीयू के प्रस्तावित ओबीई मॉडल के जरिए छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का जो निर्णय लिया है, उससे बीते तीन साल में छात्रों के प्लेसमेंट व उच्च शिक्षा में सफलता के प्रतिशत में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के लॉकडाउन के समय में भी छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करी जा रही है। अब तक करीब 90 फ़ीसदी कोर्स खत्म करा दिया गया है। ---