गाजियाबाद में सामुदायिक भवन में रावण के पुतले बनाने के दौरान हुए धमाकों में घायल ठेकेदार के बड़े बेटे ऋषभ की भी मौत हो गई। सफदरजंग अस्पताल में उसने बृहस्पतिवार दोपहर दम तोड़ा। परिजनों ने निष्पक्ष पुलिस जांच की मांग की है।
गाजियाबाद में सामुदायिक भवन में रावण के पुतले बनाने के दौरान हुए धमाकों के मामले में ठेकेदार के बड़े बेटे ऋषभ की भी मौत हो गई। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती ऋषभ ने बृहस्पतिवार दोपहर उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
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हादसे के बाद से ऋषभ का उपचार सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था। बृहस्पतिवार दोपहर उसकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। इस हादसे में अब तक ठेकेदार के परिवार के दो लोगों की जान जा चुकी है।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि हादसे की पुलिस को गंभीरता से जांच करनी चाहिए, क्योंकि उनके परिवार के दो लोगों की जान जा चुकी है। परिजनों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कर हादसे के कारणों और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
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पूरा मामला
दरअसल, लाजपतनगर स्थित शनि चौक चौकी के सामने रामलीला मैदान के सामुदायिक केंद्र में सोमवार सुबह रावण का पुतला बनाने के लिए रखे बारूद में एक के बाद एक पांच धमाके हुए। आबादी के बीच हुए हादसे में पिता और दो पुत्रों समेत पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। एक बच्ची समेत दो स्थानीय लोग मामूली घायल भी हुए। धमाके में घायल हुए ठेकेदार अनिल निवासी पिलखुवा हापुड़ ने मंगलवार सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। वहीं आज इलाज के दौरान एक और मौत हुई है।