- रेफर किया मरीज तो देनी होगी मरीज की विस्तृत जानकारी - अभी तक बिना हिस्ट्री दिए मरीज कर दिए जाते हैं रेफर माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। जिले में लगातार बढ़ रहे मरीजों के आगे स्वास्थ्य विभाग असहाय दिखाई दे रहा है। इलाज में सुविधा के तमाम दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद अधिकांश गंभीर मरीजों को नोएडा, दिल्ली एवं मेरठ रेफर कर दिया जाता है। अभी तक मरीजों को रेफर करते समय पर्चे पर रेफर लिखकर भेज दिया जाता है, इससे रेफर करने के बाद मरीजों को भर्ती करने में परेशानी होती है। अब अगर नोएडा मरीजों को रेफर किए जाएंगे तो इसकी पूरी जानकारी भी देनी होगी कि मरीज को रेफर क्यों किया गया। इसके साथ ही मरीज के इलाज का पूरा रिकार्ड भी देना होगा भर्ती करने के दौरान क्या- क्या इलाज किया गया अथवा बिना इलाज किए ही रेफर कर दिया गया। बिना रिकॉर्ड के गाजियाबाद के मरीज को नोएडा अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाएगा। गौतमबुद्धनगर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किए निर्देश से उन मरीजों को अधिक पेरशानी होगी जो नोएडा से सटे कालोनियों में रहते हैं और पहले प्राइवेट डाक्टरों से इलाज कराते हैं। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर वह सीधे रेफर कर दिए जाते हैं। खोड़ा, इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा एवं कौशांबी के मरीजों को होगी अधिक पेरशानी एक बड़ी आबादी नोएडा से सटी कालोनियों खोड़ा, इंदिरापुरम, वैशाली एवं कौशांबी में रहती है। इन क्षेत्रों में कोई सरकारी अस्पताल न होने से यहां रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर इलाज के लिए नोएडा जाना मजबूूरी होती है, क्योंकि इन कालोनियों में रहने वाले लोगों के लिए नोएडा आवागमन में आसानी होती है। वहीं गाजियाबाद के बजाए गौतमबु्द्धनगर में सुविधाएं भी अधिक हैं। ऐसे में मरीज नोएडा जाना अधिक पसंद करता है। इस मामले में सीएमओ डा. एनके गुप्ता का कहना है कि प्राइवेट अस्पतालों में कोई भी मरीज कहीं भी इलाज करा सकता है। कई बार मरीजों की संख्या अधिक होने या कुछ बीमारियों में बेहतर इलाज के लिए मरीजों को रेफर किया जाता है। उसके साथ पूरी डिटेल दी जाती है। सीएमओ का कहना है कि अभी इस तरह का कोई दिशा- निर्देश उनके पास नहीं आया है। ------------------ आशुतोष यादव