उद्योगों को पटरी पर लाना प्राथमिकता - श्रमिकों की किल्लत को किया जा रहा है दूर - 1200 श्रमिकों को कोरोना के दौरान दिलाया रोजगार माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की मार झेल रहे उद्योगो को पटरी पर लाने की पूरी कवायद की जा रही है। इसके लिए जिले में लॉकडाउन के दौरान बेरोजगार हुए श्रमिकों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है और उद्योगों में जरूरत के मुताबिक समायोजित कराया जा रहा है। जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र के अधिकारियों का दावा है कि अब तक करीब 1200 श्रमिक, कामगारों को रोजगार दिलाया गया है। एक जिला, एक उत्पाद और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 15 प्रवासी श्रमिक-कामगारों का प्रशिक्षण के लिए चयन भी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्रवासी कामगारों ने योजना के तहत ऋण के लिए भी आवेदन किया है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। कोराेना संक्रमण से पैदा हुए संकट के चलते बेरोजगार प्रवासी श्रमिकों को क्षेत्रों में ही रोजगार से जोड़ने के निर्देश प्रदेश सरकार ने दिए हैं। जिले में अभी तक करीब 1200 प्रवासी कुशल व अकुशल कामगारों को रोजगार दिलाया गया है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से औद्योगिक इकाईयों में रोजगार मुहैया कराया गया है। अधिकारियों को उद्योग और निर्माण साइट्स से भी श्रमिकों की मांग मिल रही है, जिसे पूरा करने के लिए बाहरी जिलों से श्रमिकों को लाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए सात और एक जिला, एक उत्पाद योजना में आठ प्रवासी कामगारों का प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया है। इसमें बेकरी, हेल्पर, वेल्डर व मशीन ऑपरेटर आदि शामिल हैं। इसके लिए विभाग ने आवेदन जारी कर रखे हैं। --- उद्योग सुचारू रूप से संचालित हों, इसके लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के मुताबिक उद्यमियों और श्रमिकों को लाभ दिलाया जा रहा है। कोरोना के चलते दूसरे प्रदेशों से आए श्रमिकों-कारीगरों को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। - बीरेंद्र कुमार, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र