गाजियाबाद। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय ने सत्र 2021-22 में नई शिक्षा नीति (एनईपी) में सवा साल बाद बीएससी प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम जारी किया। जारी परिणाम में एमएमएच डिग्री कॉलेज के बीएससी गणित विषय और भौतिक विज्ञान में दोनों सेमेस्टर के 125 से अधिक विद्यार्थियों को फेल कर दिया। गणित और भौतिक विज्ञान की आंतरिक परीक्षाओं में विद्यार्थियों को 25 में 18 से 25 अंक तक मिले हैं।
दूसरी ओर लिखित परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के 75 में शून्य आने से सीसीएसयू की कॉपियों की जांचने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर कौशल विकास की आंतरिक परीक्षाओं में शामिल होने के बावजूद सीसीएसयू ने बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाकर फेल कर दिया है। विश्वविद्यालय की बीएससी तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं अप्रैल माह से प्रस्तावित हैं। और तृतीय सेमेस्टर के परीक्षा फार्म भरने की 21 मार्च मंगलवार अंतिम तिथि है। ऐसे में सवा साल की देरी से आए परिणाम ने विद्यार्थियों को अधर में लटका दिया है। अब छात्रों के पास बैक पेपर देने का समय नहीं बचा है।
परेशान छात्र-छात्राओं ने किया प्रदर्शन
बीएससी प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में फेल होने वाले विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सोमवार को प्रदर्शन किया। फेल हुए 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने मामले को जल्द संज्ञान में लेकर दोबारा कॉपियों को जांचकर परीक्षा परिणाम जारी करवाने की मांग की। परेशान छात्र-छात्राओं ने कहा कि अलगे माह से तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं हैं। ऐसे में उनकी बैक लगने के कारण परेशानी दोगुना कर दी है। विद्यार्थियों ने चीफ प्रॉक्टर डॉ. वाईएस तोमर को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
दोबारा से मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय भेजा पत्र
एमएमएच कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीयूष चौहान का कहना है कि आंतरिक परीक्षाओं में 20 से अधिक अंक आने के बावजूद गणित और भौतिक विज्ञान की लिखित परीक्षाओं में 75 में से 0 अंक दिए गए हैं। वहीं कौशल विकास की आंतरिक परीक्षा में उपस्थित होने के बावजूद कई छात्र-छात्राओं को अनुपस्थित दर्शाने से विद्यार्थी फेल हो गए हैं। इस मामले में विश्वविद्यालय को विद्यार्थियों की उपस्थिति भेज दी गई है। वहीं शून्य अंक के मामले में विद्यार्थियों की मांग पर कॉपियों को दोबारा से जांचकर परिणाम जारी करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से बात कर पत्र भेजा गया है।