इंदिरापुरम। इंदिरापुरम के अभयखंड स्थित अरिहंत आल्तूरा सोसायटी के निवासियों ने शनिवार को नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। आरोप है कि निगम टीम 29 मई को सोसायटी के प्रवेश रैंप को तोड़ने पहुंची थी। निवासियों ने इसे पक्षपातपूर्ण और बिना सुनवाई की कार्रवाई करार देते हुए विरोध जताया।
सोसायटी एओए के अध्यक्ष पद्माकर झा ने बताया कि मुख्य अभियंता के नेतृत्व में 20 से अधिक कर्मचारी रैंप तोड़ने पहुंचे थे। निगम का कहना है कि रैंप के कारण जल निकासी बाधित हो रही है। सोसायटी प्रबंधन ने खुद पानी बहाकर परीक्षण किया और दावा किया कि रैंप के नीचे से पानी का प्रवाह सुचारु है। झा ने यह भी आरोप लगाया कि अरिहंत आल्तूरा से पहले स्थित आईआरएस सोसायटी का रैंप नहीं हटाया गया, जबकि वहां नए ड्रेन का निर्माण हो चुका है। ऐसे में केवल उनकी सोसायटी पर कार्रवाई निगम के भेदभाव को दर्शाती है।
प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नागरिक अनिल कुमार के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी निंदा की गई। पद्माकर झा ने बताया कि एओए ने निगम को तीन पत्र भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बिना संवाद और सुनवाई के सीधे कार्रवाई करना न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। निवासियों ने मांग की कि रैंप और प्रवेश-निकास मार्ग की समस्या का समयबद्ध समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी जैसी स्थिति में रैंप टूटने से आवागमन बाधित होने का खतरा बढ़ जाएगा।
मुख्य अभियंता निर्माण विभाग एनके चौधरी ने बताया कि निगम की टीम ने नए और पुराने नाले के लेवल की जांच की है। सोसायटी के सामने पूर्व निर्मित नाला वर्तमान नाले से करीब दो फुट गहरा है, जिससे पानी रुकने की आशंका है। नाले को लेवल में लाने के लिए रैंप तोड़कर नाले की गहराई बराबर की जानी है, तभी पानी की निकासी हो सकेगी। चौधरी ने कहा कि सोसायटी निवासियों की सुविधा को ध्यान में रखकर रैंप एक बार में नहीं तोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को असुविधा न हो।