गाजियाबाद। शहर की विद्युत इंजीनियरिंग कंपनी में वर्ष 2019-20 के दौरान कार्य कर चुके सत्यनगर निवासी श्रमिक दीपक शर्मा को श्रम न्यायालय से न्याय मिलने के बावजूद तहसील प्रशासन हक नहीं दिला पा रहा है। तहसील प्रशासन को न्यायालय ने वसूली नोटिस जारी कर वेतन दिलाने का आदेश दिया था। दो साल से यह आदेश दबा पड़ा है। इसके बावजूद कोई मदद न मिलने पर श्रमिक ने डीएम से गुहार लगाई है।
श्रमिक दीपक शर्मा ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने उनका कमाया हुआ वेतन दबा लिया था। वेतन हड़पने के मामले में हक की लड़ाई के लिए उन्होंने श्रम न्यायालय में वाद दायर किया। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने उनके पक्ष को सही माना और तीन लाख चार हजार रुपये चुकाने के आदेश दिए। वसूली के लिए तहसील प्रशासन को आदेश जारी किए गए।
तहसील प्रशासन दो साल बाद भी वसूली कराकर उनका पैसा दिलाने में अक्षम रहा, जबकि वह आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। डीएम ने श्रमिक को आवश्यक कार्रवाई कराने का भरोसा दिया है।