मुरादनगर। एक रियल एस्टेट कंपनी ने फ्लैट खरीदार पर करीब 21.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज लगाने का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रुद्रा बिल्डवेल होम्स प्राइवेट लिमिटेड के मुरादनगर कार्यालय सेल्स मैनेजर पंकज पाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वर्ष 2016 में गाजियाबाद निवासी एक व्यक्ति ने ग्रेटर नोएडा (पश्चिम) स्थित रुद्रा एक्वाकासा परियोजना में दो फ्लैट बुक किए थे। कंपनी का आरोप है कि खरीदार ने सात चेकों के माध्यम से 21.92 लाख रुपये का भुगतान दिखाया, लेकिन ऑडिट के दौरान पता चला कि इन चेकों का भुगतान कंपनी के खाते में कभी आया ही नहीं।
हालांकि दोनों फ्लैटों के लिए बैंक ऋण की राशि कंपनी को प्राप्त हुई थी। कंपनी का आरोप है कि इसके बाद खरीदार ने कथित रूप से फर्जी रसीदें और शपथपत्र लगाकर रेरा में वाद दायर किया, जिसके आधार पर कंपनी को पूरी जमा राशि लौटाने का आदेश पारित हो गया। कंपनी का कहना है कि जिस राशि का दावा किया जा रहा है, वह उसे कभी प्राप्त ही नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि थाना मुरादनगर और पुलिस आयुक्त से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सुमित सबरवाल निवासी कविनगर गाजियाबाद के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल समेत संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।