फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंकों के लेनदेन पर आरबीआई की नजर

Wed, 16 Nov 2016 09:17 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
विज्ञापन
RBI - फोटो : demo pic
विज्ञापन
500-1000 के नोट बंद होने के बाद आरबीआई के अफसर बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं। आरबीआई अफसर चेक कर रहे हैं कि प्रत्येक बैंक में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। खास बात यह है कि आरबीआई के यह अफसर बिलकुल खुफिया तरीके से अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
विज्ञापन


आरबीआई की टीम बैंकाें की सरप्राइज विजिट कर रही है। टीम के सदस्य बैंक के अंदर चेकिंग करने के साथ बाहर का माहौल भी देखते हैं। ग्राहकों से बातचीत करते हैं। बैंक सूत्राें का कहना है कि सरप्राइज विजिट के  जरिए आरबीआई अधिकारी ये जांचते हैं कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

कहीं बैंक कर्मचारी गलत तरीके से मनी एक्सचेंज का खेल तो नहीं खेल रहे। बैक डोर से दलाल तो रुपये नहीं बदल रहे। टीम कब आती है और कब जाती है किसी को पता नहीं चलता।
विज्ञापन

केंद्र सरकार द्वारा बड़े नोट बंद किए जाने के बाद से बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही है।

बुधवार को वर्किंग डे होने की वजह से भीड़ कम थी, मगर इसके बाद भी सभी को कैश नहीं मिल पाया। संजय नगर, आरडीसी, नवयुग मार्केट, पटेल नंबर, बजरिया, कविनगर, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, गोविंदपुरम, चिरंजीव विहार, नेहरू नगर, अशोक नगर, अंबेडकर रोड, लोहिया नगर, शिब्बनपुरा, नंदग्राम, सेवा नगर, जीटी रोड,

मेरठ रोड समेत कालोनियों में स्थित बैंकों के बाहर भी लोगों की लाइनें सुबह से शाम तक लगी रहीं।केंद्र सरकार के निर्देश के बाद कई बैंकाें के पास स्याही नहीं पहुंची। एसबीआई के रीजनल मैनेजर एसके गोयल ने बताया कि एसबीआई की नवयुग मार्केट शाखा में स्याही पहुंच गई है। इस शाखा में स्याही लगाई गई है।

बृहस्पतिवार तक सभी शाखाओं में स्याही लगाकर लोगों के नोट बदले जाएंगे। आरबीआई के निर्देश के अनुसार एक ग्राहक एसबीआई से रुपये बदलवाने के बाद 24 नवंबर तक दोबारा नहीं आएगा। यदि वह आएगा तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। 24 नवंबर के बाद नया निर्देश नहीं आता है तो यह डेट बढ़कर 30 दिसंबर तक बढ़ जाएगी।

लोग नोट बदलवाने के बजाए अपने एकाउंट में रुपये जमा कराएं। इससे काम करना आसान हो जाएगा। उधर, सेंट्रल बैंक की नवयुग मार्केट शाखा में स्याही की जगह मार्कर से ही ग्राहकों की उंगली पर निशान लगाया गया। हेडपोस्ट आफिस में भी मार्कर से ही काम चलाया गया।शहर के अधिकांश एटीएम बुधवार को भी बंद रहे।

शास्त्रीनगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, नवयुग मार्केट स्थित एक्सिस बैंक, एसबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरडीसी स्थित आईडीबीआई बैंक की एटीएम से लोग निर्धारित 2500 रुपये कैश निकाल रहे थे। हालांकि एटीएम के बाहर लंबी लाइन लगी थी पर लोगों को उम्मीद थी कि यहां तो कैश मिल ही जाएगा।

कैश निकालने की लिमिट बढ़ने के बाद करंट एकाउंट से 50 हजार रुपये नहीं निकल पा रहे हैं। महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष गोपीचंद ने बताया कि आरबीआई ने निर्देश दिए हैं कि करंट एकाउंट से एक बार में 50 हजार रुपये निकाले जा सकते हैं। जब व्यापारी अपने एकाउंट से रुपये निकालने पहुंच रहे हैं तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।

बैंकों के पास कैश ही नहीं है। नोट बंद होने से व्यापारियों को ज्यादा दिक्कत हो रही है।बुधवार से बैंक और एटीएम से 500 के नए नोट मिलने थे, लेकिन  ऐसा नहीं हुआ। जिन बैंकों की करेंसी चेस्ट गाजियाबाद में है, वहां भी नए नोट नहीं पहुंचे थे। उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिन में ये व्यवस्था भी दुरुस्त हो जाएगी और 500 के नए नोट मिलने लगेंगे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें