शहर की रामलीलाओं में शुक्रवार को कहीं सीता हरण तो कहीं शबरी प्रसंग का मंचन हुआ। शुक्रवार से रामलीला मैदानों में दर्शकों की संख्या भी बढ़ गई। बता दें कि शनिवार से पांच दिन तक की छुट्टियों के कारण मेलों में दर्शकों की संख्या बढ़ी है।
श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर में सीता हरण जटायु वध और शबरी प्रसंग का मंचन हुआ। एलईडी स्क्रीन और साउंड इफेक्ट्स के साथ जब सीता हरण प्रसंग का मंचन हुआ तो दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। यहां सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। इतना ही नहीं पुलिस के अलावा वालंटियर्स भी जगह-जगह तैनात हैं।
श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी में शुक्रवार को सीता हरण से लेकर शबरी चरित्र तक की लीला का मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम पंचवटी में कुटिया बनाकर रहते हैं। वहां से रावण सीता जी को हर कर ले जाता है और रास्ते में जटायु से युद्ध होता है। रावण जटायु को घायल कर देता है।
श्रीराम और लक्ष्मण सीता को खोजते-खोजते घायल जटायु के पास पहुंचते हैं और जटायु उन्हें सीता हरण की सूचना देते हैं। उसके बाद श्रीराम और लक्ष्मण सीता जो तलाशने वन में निकल पड़ते हैं, जहां उन्हें शबरी मिलती है।
श्री रामलीला समिति राजनगर में सुपर्णखा प्रसंग से लेकर खरदूषण वध और सीता हरण प्रसंग तक का मंचन हुआ। श्री आदर्श धार्मिक रामलीला समिति संजय नगर में राम भरत मिलाप से लेकर खरदूषण वध तक के प्रसंग का मंचन हुआ।
क्रासिंग्स में बच्चों की रामलीला
क्रासिंग्स रिपब्लिक में रामलीला का मंचन बच्चों द्वारा किया जा रहा है। रामलीला में बच्चों के अभिनय को देखने के शाम होते ही पंडाल दर्शकों से भर जाता है। रामलीला के सातवें दिन सीता हरण का मंचन हुआ।
इस अवसर पर आईटीबीपी के कमांडेंट राजेश तोमर ने दीप जलाकर मंचन का शुभारंभ किया। बच्चों के अभिनय को देखकर उन्हाेंने कहा कि रामलीला हमारी संस्कृति का प्रतीक है। तरुण चौहान, विवेक शर्मा, क्षितिज सिंघल, आशुतोष चंदन, बीपीएस भाटिया, दुर्गेश कुमार के साथ सैकड़ाें रामभक्त मौजूद रहे।