रैपिड रेल कॉरिडोर में आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों को सकुशल बाहर निकालने के लिए कुल 16 इमरजेंसी निकास सिस्टम (द्वार) का निर्माण किया जाएगा। मार्च 2023 में शुरू होने वाले दुहाई से साहिबाबाद प्राथमिकता खंड में ऐसे छह आपातकालीन निकास सिस्टम होंगे। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने 17 किमी लंबे पहले खंड में निकास सिस्टम का निर्माण शुरू कर दिया है।
दिल्ली सराय काले खां से मेरठ तक विभिन्न स्थानों पर बनने वाली निकास प्रणाली में कुछ स्थानों पर फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जाना है। इसी के तहत पहले खंड में मेरठ रोड तिराहा स्टेशन से गुलधर के बीच एफओबी का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रणाली में एलिवेटेड ट्रैक के स्तर से सड़क को पार करते हुए स्टील का ट्रैक होगा। फिर निकासी के लिए सड़क के बराबर बनाई जा रही सीढ़ियों की मदद से लोग आसानी से बाहर निकाल सकेंगे।
दो स्टेशनों के मध्य छह किमी में बनेंगे दो निकास सिस्टम
साहिबाबाद से दुहाई तक छह आपातकालीन निकास सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। इसमें साहिबाबाद से मेरठ रोड तिराहा स्टेशन तक दो, मेरठ रोड तिराहा स्टेशन से गुलधर के बीच दो और गुलधर से दुहाई डिपो तक दो निकास सिस्टम का निर्माण होगा। रैपिड रेल के दो स्टेशनों की दूरी पांच से छह किमी तक है। ऐसे में दोनों स्टेशनों के बीच दो निकास सिस्टम का निर्माण किया गया है। व्यस्ततम मार्ग पर एफओबी और बाकी स्थानों पर सीढ़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह पूरा सिस्टम स्टेशनों पर बनने वाले आपातकालीन सिस्टम से अलग होंगे।
मेट्रो की तरह यात्री नहीं झेलेंगे परेशानी
एनसीआरटीसी की ओर से एलिवेटेड ट्रैक के साथ रैपिड रेल के अंडरग्राउंड सेक्शन में भी 250 मीटर की दूरी पर आपातकालीन निकास प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है। वैशाली से दिल्ली अशोकनगर तक चल रहे सुरंग निर्माण के कार्य में टनल के भीतर निकास मार्ग (क्रॉस पैसेज) का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में किसी तकनीकी खाली या फिर आपातकालीन स्थिति में ट्रेन के बीच में रुकने पर एलिवेटेड ट्रैक पर ही पहले मेट्रो स्टेशन तक पहुंचना होता है।
सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही होगा इस्तेमाल
पूरे कॉरिडोर में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। किसी आपातकालीन स्थिति में ही यह निकास मार्ग ऑटोमेटिक रूप से सक्रिय हो जाएंगे। सामान्य दिनों में यह पूरा तंत्र यात्रियों की पहुंच से बाहर रहेगा।
-पुनीत वत्स, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी