शहर की रामलीलाओं में शुक्रवार को राम जन्म, अहिल्या उद्धार से लेकर नारद मोह आदि प्रसंगों का मंचन हुआ। श्री सुल्लामल रामलीला में शुक्रवार को सुबाहु वध से लेकर अहिल्या उद्धार और फुलवारी तक की लीला का मंचन हुआ।
श्रीराम लक्ष्मण सीता स्वयंवर में जाते हैं जहां रास्ते में अहिल्या की पत्थर की मूर्ति दिखती है, जिसका वह उद्धार करते हैं। वहां से जनकपुरी प्रस्थान करते हैं। जनकपुरी में जब वह लक्ष्मण और विश्वामित्र के साथ नगर भ्रमण करते हुए फुलवारी पहुंचते हैं, वहां सीता जी श्रीराम जी को देखती हैं।
वहां दोनों एक दूसरे पर मोहित हो जाते हैं। सीता जी मां गौरी की पूजा करते हुए उनसे वर के रूप में श्रीराम जी को मांगती हैं और माता उन्हें आशीर्वाद देती हैं। प्रधान अजय बंसल और महामंत्री मनोज गोयल ने बताया कि एक अक्टूबर को सीता स्वयंवर का मंचन होगा। इस मौके पर राकेश अग्रवाल, श्रीकांत राही, मिथिलेश गुप्ता, प्रदीप मित्तल, विनेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर में सभी राजकुमारों और मिथिला में जानकी जन्म का मंचन हुआ। इसके अलावा बाल हनुमान द्वारा सूर्य को निगलने का भी खूबसूरत मंचन किया गया।
हाइटेक स्क्रीन पर हनुमान द्वारा सूर्य भगवान को निगलने के मंचन को दर्शकों ने खूब सराहा। इस मौके पर डॉ. रमेश चंद्र तोमर, बलदेव राज शर्मा, भूपेंद्र चोपड़ा, अजय जैन, विनीत राय आदि मौजूद रहे।
श्री रामलीला समिति राजनगर में नारद मोह, रावण जन्म और आकाशवाणी प्रसंग का मंचन किया गया। पंडित मथुरा प्रसाद चतुर्वेदी द्वारा गाई गई चौपाईयों से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष राकेश मिश्रा, संरक्षक रामगोपाल कौशिक, महामंत्री जितेंद्र यादव, आकाश वशिष्ठ और रेखा अग्रवाल मौजूद रहीं।
श्री आदर्श धार्मिक रामलीला समिति संजय नगर में श्रीराम जन्म की बधाईयां बजीं। इसके अलावा रावण दिग्विजय का भी मंचन किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष संजीव चौधरी और महामंत्री अरुण शर्मा, मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, चेतन गौड़ मुख्य रूप से मौजूद रहे।