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किसान आंदोलनः राकेश टिकैत बोले- कंपनियों के गोदाम टूटेंगे तभी बचेगा देश

Sun, 28 Feb 2021 09:50 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिबाबाद
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राकेश टिकैत - फोटो : amar ujala
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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को राजस्थान में रफ्तार देकर लौटे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों के साथ यूपी गेट पर बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि किसान इन तीनों कानूनों को नहीं चाहते हैं। खेती में प्राइवेट कंपनियां आने को तैयार हैं, उनके गोदाम भी बन गए हैं। सरकार को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि कहीं भी कोई स्थल तोड़ने की जरूरत नहीं है, मगर जब कंपनियों के गोदाम टूटेंगे तभी देश बचेगा। 

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राकेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान पार्लियामेंट के सामने ट्रैक्टर चलाकर फसल बोएगा। मगर इसकी तारीख संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी तय करेंगे।  

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि राकेश टिकैत ने किसानों के साथ बैठक में आंदोलन को आगे चलाने की रणनीति तय की। उन्होंने राजस्थान से लौटकर किसानों के साथ अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन अब केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम से लेकर सभी राज्यों में जाएगा। वहां के किसानों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून चाहिए। महापंचायत के जरिए राज्य सरकारों द्वारा फसल पर बनाई गई नीति को लागू कराने की लड़ाई लड़ी जाएगी। 
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राकेश टिकैत ने कहा कि देश के किसान पार्लियामेंट के सामने खाली जमीन पर ट्रैक्टर चलाकर फसल बोएंगे। हालांकि अभी इसकी तारीख तय नहीं है और संयुक्त किसान मोर्चा इस बारे में रणनीति बनाकर कोई निर्णय लेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को काम करना चाहिए, लेकिन किसानों से बातचीत न करके ऐसा लग रहा कि आंदोलन अब 2024 तक चलेगा। 

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन और प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि शांति और सुनियोजित ढंग से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाए। किसानों ने माना कि सरकार के रुख को देखते लगता है कि आंदोलन लंबा चलेगा। 

राकेश टिकैत ने किसानों से अपील की कि कोई भी आंदोलनकारी के खेत में नुकसान न हो। वह सभी खेत पर भी ध्यान दें। सभी अपने-अपने क्षेत्र में फोन के जरिए लगातार संपर्क में रहें और स्थानीय यूनिट से मदद कराएं। उन्होंने एक बार फिर किसानों से अपील की कि कोई किसान अपनी फसल न उजाड़े, अभी ऐसा करने की जरूरत नहीं है।

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