गाजियाबाद। आगरा में ट्रॉले निकालने के लिए हाईटेंशन लाइन का शटडाउन देने के बदले 35 हजार रुपये रिश्वत लेने पर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुखदेव को विशेष सीबीआई अदालत ने चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश अंजनी कुमार की अदालत ने दोषी इंजीनियर पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। करीब नौ साल पुराने इस मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद अदालत में लंबे समय तक सुनवाई चली।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार मामला आगरा के पथौली रेलवे फाटक से जुड़ा है। ट्रॉले फाटक से निकालने के लिए लाइन का शटडाउन लेना जरूरी था। मुंबई की एक कॉर्पोरेशन कंपनी की ओर से तैनात सुपरवाइजर ललित ने रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर सुखदेव से पांच ट्रॉले निकालने की अनुमति मांगी थी।
आरोप था कि रेलवे शुल्क के अलावा इंजीनियर ने 70 हजार की रिश्वत मांगी। एक जनवरी 2016 को सुखदेव को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 35 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार में मुकदमा चला।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद मामला विशेष अदालत पहुंचा। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से रिश्वत की मांग व पहली किस्त लेने और गिरफ्तारी से जुड़े साक्ष्य पेश किए गए। ब्यूरोद