शहर में बिक रहे दूध की शुद्धता की जांच के लिए फूड डिपार्टमेंट को 20 मशीनों की किट मिली है। इसकी सहायता से पैकेट बंद दूध के साथ डेयरी और खुले में बिक रहे दूध का सैंपल लिया जाएगा। इसके बाद सैंपल को लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा।
फेस्टिव सीजन में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इन दिनों नवरात्र चल रहे हैं। इसके बाद दशहरा और दिवाली के त्योहार आएंगे। इनमें दूध की खपत बढ़ जाती है। चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर अजय जायसवाल ने बताया कि मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में केमिक ल से भी दूध तैयार कर लेते हैं।
दिल्ली से सटा होने के कारण गाजियाबाद में सबसे ज्यादा दूध में मिलावट होती है। मिलावटखोरों को रोकने के लिए ही विभाग को 20 मशीनों की किट मिली है। इन मशीनों की सहायता से जगह-जगह दूध के सैंपल लिए जाएंगे। पैकेट बंद दूध, डेयरी और कॉलोनियों में बिकने वाले दूध का सैंपल लेकर लैब में टेस्ट किया जाएगा।
सैंपल की रिपोर्ट उसी दिन आएगी। यदि किसी सैंपल में गड़बड़ी मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूध बिक्री पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।