गाजियाबाद। लोनी तहसील में नए न्यायालयों की स्थापना का रास्ता साफ कराने के लिए लोनी विकास समिति और नौ अन्य की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में लोनी में प्रस्तावित न्यायालयों के संचालन के लिए भवन, स्थान समेत जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने निर्देश प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। इसके बाद सुनवाई 13 अगस्त 2026 तक टाल दी गई।
चार न्यायालय स्थापित किए जाने हैं
याचिका में कहा गया है कि लोनी में अपर जिला जज स्तर के दो न्यायालय स्थापित किए जाने प्रस्तावित हैं। इसके अलावा सिविल जज सीनियर डिवीजन और सिविल जज जूनियर डिवीजन स्तर का एक-एक न्यायालय भी स्थापित किया जाना है। इन न्यायालयों की स्थापना का मामला लंबे समय से लंबित है।
कई साल से लंबित है आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था
न्यायालयों की स्थापना के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का मामला कई वर्षों से लंबित है। इस संबंध में जिला प्रशासन को पहले भी कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। सिविल कोर्ट गाजियाबाद की इंफ्रास्ट्रक्चर उपसमिति ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर लोनी में प्रस्तावित न्यायालयों के संचालन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं जल्द सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।
हाईकोर्ट को भेजी जानी है आख्या
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश और इंफ्रास्ट्रक्चर उपसमिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शुक्ल की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार न्यायालयों की स्थापना के लिए जरूरी भवन, स्थान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं। व्यवस्थाएं उपलब्ध होने के बाद हाईकोर्ट को इस संबंध में आवश्यक आख्या भेजी जा सकेगी।
निर्देश लेने के लिए मांगा समय
जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने मामले में निर्देश प्राप्त करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले को 13 अगस्त को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।