मधुबन बापूधाम योजना स्थित बुनकर मार्ट पर विरोध प्रदर्शन करते किसान
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सबहेड- मधुबन बापूधाम बुनकर मार्ट पर किसानों का हंगामा बढ़ता देख पहुंचा जीडीए का पुलिस बल, किसानों ने नहीं शुरु होने दिया काम - किसान बोले, एक समान बढ़ा हुआ मुआवजा मिलने तक 800 एकड़ जमीन पर नहीं होने देंगे कोई काम माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। एक समान बढ़े हुए मुआवजे को लेकर आंदोलनरत मधुबन बापूधाम योजना से प्रभावित कई गांव के किसानों ने मंगलवार को जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने मधुबन बापूधाम योजना स्थित बुनकर मार्ट का चल रहा काम रुकवा दिया। किसानों का हंगामा बढ़ते देख जीडीए का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस बल ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगें माने जाने तक वह मधुबन बापूधाम के 800 एकड़ क्षेत्र में कोई निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। हंगामा प्रदर्शन करने के बाद किसान बुनकर मार्ट के सामने धरने पर बैठ गए। किसानों ने जीडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने के साथ प्राधिकरण पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। हंगामा प्रदर्शन में सदरपुर, मैनापुर, नंगलापाट, याकूबपुर, मोरटा और दुहाई सहित छह गांव के बड़ी संख्या में m किसानों ने भाग लिया। किसानों की मांग है कि उन्हें नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत एक समान मुआवजा दिया जाए। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले बुनकर मार्ट पर एकत्रित हुए किसानों ने करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बीच किसानों ने जीडीए अधिकारियों पर 2007 में हुए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि किसानों को एक समान मुआवजा मिलने तक मधुबन बापूधाम योजना के 800 एकड़ क्षेत्र में कोई निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले जीडीए अधिकारी उनकी बातें सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण जब 76 किसानों को नए अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा दे सकता है तो अन्य किसानों को क्यों नहीं दिया जाएगा। किसानों और जीडीए के बीच हुए समझौते के तहत यह तय हुआ था कि अधिसूचना के तहत अधिग्रहित की गई भूमि का भविष्य में सहमति के आधार पर यदि उपरोक्त निर्धारण प्रतिकर से अधिक प्रतिकर सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित होता है तो बढ़े हुए प्रतिकार का लाभ इस करार में सम्मिलित भू-स्वामियों को भी देय होगा। किसानों के साथ हुए ऐसे समझौते का जीडीए पालन नहीं कर रहा है। किसान एकजुट होकर मांगे माने जाने तक आंदोलन जारी रखेंगे। -----