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Ghaziabad News: राजीव कॉलोनी में घरों पर नोटिस का विरोध, महापंचायत में नियमितीकरण की मांग

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- यूपीसीडा की ओर से 15 दिन में जमीन खाली करने का नोटिस, 20 हजार लोगों में दहशत
- वार्ड-28 के लोगों ने कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिबाबाद। मोहननगर स्थित वार्ड-28 की राजीव कॉलोनी में घरों को तोड़ने के लिए यूपीसीडा की ओर से नोटिस जारी किए जाने के विरोध में रविवार को महापंचायत हुई। स्थानीय लोगों ने कैबिनेट मंत्री व साहिबाबाद विधायक सुनील कुमार शर्मा को ज्ञापन सौंपकर नोटिस की प्रक्रिया तत्काल निरस्त करने और कॉलोनी के नियमितीकरण की मांग की।
दरअसल, बृहस्पतिवार को यूपीसीडा ने लोनी रोड साइट-2 स्थित राजीव कॉलोनी में सार्वजनिक नोटिस चस्पा कर 15 दिन में जमीन खाली करने के आदेश दिए थे। विभाग ने जमीन को सेंट्रल पार्क की बताते हुए कॉलोनी को अवैध कब्जा करार दिया। नोटिस में कहा गया कि समय पर जमीन खाली न करने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी और उसका खर्च भी लोगों से ही वसूला जाएगा। नोटिस लगने के बाद से कॉलोनी के 20 से 22 हजार लोगों में भय का माहौल है।
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महापंचायत में क्षेत्रीय पार्षद सुधीर कुमार ने कहा कि राजीव कॉलोनी 60-70 साल पुरानी है और यहां लंबे समय से गरीब और जरूरतमंद परिवार रह रहे हैं। कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी मिले हैं। ऐसे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई तो हजारों परिवारों के सामने छत छिनने का संकट खड़ा हो जाएगा। लोगों ने सरकार से कॉलोनी का स्थायी समाधान निकालते हुए नियमितीकरण की मांग की, ताकि भविष्य में बेघर होने की चिंता न रहे।
रविवार को आयोजित महापंचायत में कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा पहुंचे और लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गरीब परिवारों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध करा रही है, उनका आशियाना उजाड़ने में विश्वास नहीं रखती। उन्होंने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई अपराधियों, भू-माफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ होती है। राजीव कॉलोनी में भी कई परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ मिला है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह लोगों के साथ खड़े हैं और किसी गरीब परिवार की छत नहीं उजड़ने दी जाएगी।
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यूपीसीडा अधिकारियों के मुताबिक यह क्षेत्र अप्रैल 2025 में नगर निगम से यूपीसीडा को हस्तांतरित हुआ था। आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत की जांच में जमीन पर अवैध निर्माण पाए जाने के बाद इसे अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
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