आचार संहिता लगने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ मार्च को गाजियाबाद से जनसभा कर चुनाव का शंखनाद करेंगे। कार्यक्रम पूरी तरह से सरकार की ओर से संचालित योजना के लोकार्पण व शिलान्यास को समर्पित होगा, लेकिन पूरी कोशिश पश्चिमी यूपी को विकास के रास्ते साधने की होगी। पीएम मोदी गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के लोगों के वर्तमान और भविष्य से जुड़ी योजनाओं की सौगात देकर मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे। यही वजह है कि एक साथ 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया जाना है।
पार्टी की कोशिश है कि जनसभा में बड़ी संख्या में भीड़ जुटाई जाए। संगठन व पार्टी ने दो लाख से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसको लेकर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। सांसद, विधायकों से अन्य पदाधिकारियों को क्षेत्रवार लोगों को लाने का लक्ष्य दिया गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही आचार संहिता लगने जा रही है। ऐसे में सरकारी कार्यक्रम के तौर पर पीएम की यह अंतिम रैली हो सकती है। इसलिए एक ही दिन में भाजपा ने यूपी में प्रधानमंत्री मोदी की दो बड़ी जनसभाएं रखी हैं। आठ मार्च को पीएम पहले कानपुर में योजना का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे, इसके बाद दोपहर में सिकंदरपुर (गाजियाबाद) में। पार्टी के नजरिए से यूपी काफी अहम हैं।
वर्ष 2014 में 80 सीटों में से 73 पर एतिहासिक जीत हासिल की थी। इसमें भी भाजपा को पश्चिमी यूपी से बड़ी कामयाबी मिली थी, जहां पर पार्टी सभी 20 सीटें जीतने में सफल रही थी। इस बार यूपी में सपा व बसपा गठबंधन के बाद समीकरण बदले हैं, जिसे भाजपा चुनौती के तौर पर देख रही है। सिकंदरपुर के जनसभा स्थल से जब पीएम मोदी जनता को संबोधित करेंगे तो विकास के रास्ते असल निशाना 2019 के लोकसभा चुनाव होगा।
निश्चित तौर पीएम जिन योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे वे शहर से जुड़ी होंगी, लेकिन उनका पश्चिम को क्या लाभ होगा यह सब भी पीएम सरकार की उपलब्धि के तौर पर गिना सकते हैं। खासकर हिंडन से घरेलू उड़ान सेवा का एनसीआर व पश्चिमी यूपी के लोगों को क्या लाभ होगा। अब पश्चिमी यूपी के लोगों को फ्लाइट पकड़ने के लिए पालम एयरपोर्ट तक नहीं जाना होगा। 2025 तक मेरठ जाने वाली रैपिड ट्रेन किस तरह से गाजियाबाद व मेरठ से सटे बाकी जिलों के लोगों की जिंदगी बदल देगी। इन तमाम कार्यों को लेकर भविष्य में भाजपा सरकार की सोच को विकास से जोड़कर दिखाने की कोशिश रहेगी।