महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुमाता तालिब का कहना है कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास की जानकारी के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच कराती हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर सलाह देती हैं कि पहली जांच 12 सप्ताह के अंदर कराई जाती है। दूसरी जांच 14 से 26 सप्ताह में, तीसरी जांच 28 से 34 सप्ताह और चौथी जांच 36 सप्ताह के बाद कराई जाती है।