गाजियाबाद। शहर में 24 घंटे तो गांवों में 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों की पोल दो दिन पहले आई आंधी ने खोल दी है। शहर से लेकर गांव तक बेपटरी हुई बिजली शनिवार शाम तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी। बृहस्पतिवार और शुक्रवार रात आई आंधी से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक करीब 160 खंभे टूटकर गिर गए और कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। 40 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। वहीं, मोदीनगर के बुदाना गांव में दो दिन से लाइट नहीं आने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। करीब 50 हजार की आबादी बिजली गुल होने से प्रभावित रही। शनिवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मी लगे रहे। शहरी क्षेत्र में भी बिजली की आवाजाही दिनभर लगी रही। ट्रिपिंग की वजह से लोग परेशान रहे।
बिजली गुल रहने से सुबह पानी की किल्लत उत्पन्न हो गई। मोटर नहीं चलने से पानी की टंकियां नहीं भर पाईं। ऊर्जा निगम की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। कटौती और ट्रिपिंग के चलते लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। उपकेंद्र पर नारेबाजी के दौरान ग्रामीणों को समझाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। लोगों का आरोप है कि तब से शनिवार की देर शाम तक बिजली की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई। शुक्रवार को कुछ देर के लिए बिजली शुरू की गई, तो फिर लाइन में खराबी आ गई। इसके बाद जब बिजली शुरू नहीं हुई तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बुदाना के ग्रामीणों ने चेताया कि अगर आपूर्ति शीघ्र सुचारु नहीं हुई तो बिजलीघर का घेराव करेंगे। बुदाना निवासी रालोद नेता अरुण दहिया ने बताया कि दो दिन पूर्व आई आंधी बारिश के बाद गांव में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। अभी तक सुचारु नहीं हुई। कई बार ऊर्जा निगम के कर्मचारियों से आपूर्ति बंद होने की शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ। आरोप लगाया कि अवर अभियंता और एसडीओ व अन्य अधिकारी ग्रामीणों का फोन तक नहीं उठा रहे हैं। विद्युत आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण पीने के पानी को भी तरस गए हैं। पशुओं को चारा नहीं मिल रहा है। पशु भूख से तड़प रहे हैं। अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी के बाद जो नुकसान हुआ है उसे ठीक कराया जा रहा है। ज्यादातर इलाकों में विद्युत आपूर्ति सुचारु कर दी गई थी।
आंधी से डेढ़ करोड़ के नुकसान का अनुमान, सड़कों पर उतरे अधिकारी
शुक्रवार देर रात आई तेज आंधी से शहर की बिजली व्यवस्था भी धड़ाम हो गई। विद्युत खंभे टूट गए, कई स्थानों पर लाइन में खराबी आ गई और कई स्थानों पर बिजली लाइनें टूटने से घंटों आपूर्ति बाधित रही। ऊर्जा निगम के आंकड़ों की मानें तो आंधी के चलते करीब डेढ़ करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
शहरी क्षेत्र के संजयनगर, चिपियाना, बम्हेटा, डूंडाहेड़ा और अकबरपुर-बहरामपुर समेत कई इलाकों में शुक्रवार की रात बाधित हुई बिजली शनिवार के तड़के जाकर बहाल हो सकी। वहीं लोनी, मुरादनगर और मोदीनगर के कई ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार दोपहर तक भी आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई। बिजली नहीं होने से लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा, जबकि इन्वर्टर जवाब देने के बाद कई परिवारों की रात जागकर कटी।
-
शनिवार को पूरे दिन जारी रही बिजली की आवाजाही
शुक्रवार की रात कटौती के बाद भी शनिवार को पूरे दिन बिजली के आवाजाही का दौर जारी रहा। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संजयनगर, शास्त्रीनगर, नंदग्राम, कैलाभट्ठा, प्रतापविहार, पटेल नगर समेत अन्य कई इलाकों में पूरे दिन बिजली की आवाजाही जारी रही। इस संदर्भ में जोन एक के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि फॉल्ट आने पर कुछ स्थानों पर बिजली की कटौती हुई है। समस्याओं को दूर करने के लिए टीम लगातार कार्य कर रही है। इसके बाद बिजली की आपूर्ति सुचारु कर दी गई है।